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डेढ़ साल बाद भी नहीं पुलिस और आईपीएच खाली हाथ
Updated Sat, 10 Nov 2018 11:01 PM IST
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हमीरपुर। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के डिडवीं टिक्कर स्थित गोदाम से चोरी हुए 746 पेयजल पाइपों का डेढ़ साल बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। चोरी के इस मामले में आईपीएच विभाग ने विभागीय जांच बैठाई थी। इसके साथ ही पुलिस थाना हमीरपुर में भी इस संदर्भ में चोरी का मामला दर्ज हुआ था। लेकिन, आईपीएच और पुलिस विभाग दोनों के हाथ अभी तक खाली हैं।
पूर्व कांग्रेस सरकार में 25 जुलाई 2018 को डिडवीं टिक्कर स्थित आईपीएच विभाग के गोदाम से रात को 746 पेयजल पाइप चोरी हुए। इनकी बाजार में कीमत छह लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। चोरी हुए पेयजल पाइपों में आधे इंच, एक इंच, पौना और तीन इंच के पाइप शामिल हैं। मट्टनसिद्ध से घुमारवीं डबल लेन राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुए पेयजल पाइपों की जगह नए पाइप डाले जाने थे। जिसके लिए बड़सर डिवीजन से इन पेयजल पाइपों को डिडवीं टिक्कर स्थित आईपीएच के स्टोर में रखा गया था। लेकिन, शातिर एक ही रात में साढ़े सात सौ पेयजल पाइपों पर हाथ साफ कर गए। आईपीएच के गोदाम के साथ ही घनी आबादी है लेकिन, पुलिस और आईपीएच विभाग दोनों इस मामले में कोई सुराग नहीं लगा पाए। उधर, पुलिस अधीक्षक हमीरपुर रमन कुमार मीणा ने कहा कि पुलिस ने इस संदर्भ में केस दर्ज किया है। लेकिन, अभी तक किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाए हैं। वहीं आईपीएच विभाग के अधीक्षण अभियंता एएस चड्ढा ने कहा कि डिडवीं टिक्कर स्थित आईपीएच के गोदाम से जुलाई 2018 में चोरी हुए पाइपों की शिकायत पुलिस में करवाई थी। लेकिन, अभी तक चोरों का पता नहीं चल पाया है। विभागीय जांच में भी कुछ नहीं निकला।
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पूर्व कांग्रेस सरकार में 25 जुलाई 2018 को डिडवीं टिक्कर स्थित आईपीएच विभाग के गोदाम से रात को 746 पेयजल पाइप चोरी हुए। इनकी बाजार में कीमत छह लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। चोरी हुए पेयजल पाइपों में आधे इंच, एक इंच, पौना और तीन इंच के पाइप शामिल हैं। मट्टनसिद्ध से घुमारवीं डबल लेन राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुए पेयजल पाइपों की जगह नए पाइप डाले जाने थे। जिसके लिए बड़सर डिवीजन से इन पेयजल पाइपों को डिडवीं टिक्कर स्थित आईपीएच के स्टोर में रखा गया था। लेकिन, शातिर एक ही रात में साढ़े सात सौ पेयजल पाइपों पर हाथ साफ कर गए। आईपीएच के गोदाम के साथ ही घनी आबादी है लेकिन, पुलिस और आईपीएच विभाग दोनों इस मामले में कोई सुराग नहीं लगा पाए। उधर, पुलिस अधीक्षक हमीरपुर रमन कुमार मीणा ने कहा कि पुलिस ने इस संदर्भ में केस दर्ज किया है। लेकिन, अभी तक किसी निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाए हैं। वहीं आईपीएच विभाग के अधीक्षण अभियंता एएस चड्ढा ने कहा कि डिडवीं टिक्कर स्थित आईपीएच के गोदाम से जुलाई 2018 में चोरी हुए पाइपों की शिकायत पुलिस में करवाई थी। लेकिन, अभी तक चोरों का पता नहीं चल पाया है। विभागीय जांच में भी कुछ नहीं निकला।
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