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अब जिला में आधा दर्जन पंचायतों पर बनेगा एक गौसदन
Updated Mon, 22 Jan 2018 11:19 PM IST
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हमीरपुर। जिला में अब आधा दर्जन पंचायतों पर एक गौसदन बनेगा। इसके लिए जिला पंचायती राज विभाग संयुक्त रूप से गौसदन बनाने की योजना बना रहा है। गौसदन बनाने की योजना का प्रपोजल जिला कार्यालय पंचायती राज विभाग को भेजेगा। प्रपोजल के स्वीकृत होते ही जिला में प्रत्येक आधा दर्जन पंचायतों पर एक गौसदन बनाया जाएगा ताकि गौसदन का रखरखाव और संचालन उचित तरीके से हो सके।
इससे पूर्व सरकर ने प्रत्येक पंचायत में एक गौसदन बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए जिला की 229 पंचायतों में से 165 पंचायतों ने गौसदन बनाने के लिए विभाग के नाम भूमि भी ट्रांसफर कर दी है, लेकिन इसके बावजूद पंचायतों में गौसदन नहीं बन पाए। सरकार की प्रत्येक पंचायत में गौसदन बनाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। सरकार द्वारा लावारिस पशुओं से किसानों की फसलों को बचाने और पशुओं की देखभाल करने के लिए गौसदन बनाने की योजना बनाई गई है, लेकिन सरकार की यह योजना धरातल पर लागू नहीं हो सकी। वहीं जिला के किसान लावारिस पशुओं के आतंक से तंग हो गए हैं। पशु किसानों की फसलों को चट कर जा रहे। वहीं कई लावारिस पशुओं की वजह से सड़क हादसे भी हो रहे हैं। इसके लिए अब जिला पंचायती राज विभाग ने आधा दर्जन पंचायतों पर संयुक्त रूप से एक गौसदन बनाने का निर्णय लिया है। जिला कार्यालय इसके लिए विभाग को जल्द ही प्रपोजल भेजेगा। प्रपोजल के स्वीकृत होते ही विभाग पंचायतों में संयुक्त रूप से गौसदन बनाने की प्रक्रिया आरंभ कर देगा।
जिला पंचायत अधिकारी रमेश कपूर का कहना है कि गौसदनों के उचित रखरखाव और संचालन के लिए विभाग अब संयुक्त रूप से गौसदन बनाने की योजना बना रहा है। इसके लिए एक प्रपोजल पंचायती राज विभाग को भेजी जाएगी। इसके बाद पंचायतों के एक समूह के लिए एक स्थान पर गौसदन बनाया जाएगा। इन पंचायतों के समूह में छह से सात पंचायतें शामिल की जाएंगी।
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इससे पूर्व सरकर ने प्रत्येक पंचायत में एक गौसदन बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए जिला की 229 पंचायतों में से 165 पंचायतों ने गौसदन बनाने के लिए विभाग के नाम भूमि भी ट्रांसफर कर दी है, लेकिन इसके बावजूद पंचायतों में गौसदन नहीं बन पाए। सरकार की प्रत्येक पंचायत में गौसदन बनाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई है। सरकार द्वारा लावारिस पशुओं से किसानों की फसलों को बचाने और पशुओं की देखभाल करने के लिए गौसदन बनाने की योजना बनाई गई है, लेकिन सरकार की यह योजना धरातल पर लागू नहीं हो सकी। वहीं जिला के किसान लावारिस पशुओं के आतंक से तंग हो गए हैं। पशु किसानों की फसलों को चट कर जा रहे। वहीं कई लावारिस पशुओं की वजह से सड़क हादसे भी हो रहे हैं। इसके लिए अब जिला पंचायती राज विभाग ने आधा दर्जन पंचायतों पर संयुक्त रूप से एक गौसदन बनाने का निर्णय लिया है। जिला कार्यालय इसके लिए विभाग को जल्द ही प्रपोजल भेजेगा। प्रपोजल के स्वीकृत होते ही विभाग पंचायतों में संयुक्त रूप से गौसदन बनाने की प्रक्रिया आरंभ कर देगा।
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जिला पंचायत अधिकारी रमेश कपूर का कहना है कि गौसदनों के उचित रखरखाव और संचालन के लिए विभाग अब संयुक्त रूप से गौसदन बनाने की योजना बना रहा है। इसके लिए एक प्रपोजल पंचायती राज विभाग को भेजी जाएगी। इसके बाद पंचायतों के एक समूह के लिए एक स्थान पर गौसदन बनाया जाएगा। इन पंचायतों के समूह में छह से सात पंचायतें शामिल की जाएंगी।
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