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दुर्घटना नहीं साजिश के तहत हुई हत्या : अंजना
Updated Tue, 26 Dec 2017 11:33 PM IST
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हमीरपुर। जिला मुख्यालय के साथ लगते गांव लोहारड़ा के कुलदीप सिंह की मौत मामले में नया मोड़ सामने आ गया है। मृतक के परिजनों ने दुर्घटना को नकारते हुए हत्या की आशंका जताई है। मंगलवार को गांव का एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त हमीरपुर संदीप कदम से मिला। इस मौके पर मृतक कुलदीप सिंह की पत्नी अंजना कुमारी, बजूरी पंचायत के प्रधान प्रीतम चंद, वार्ड पंच पूजा, मृतक की बेटी ममता राणा, मनीषा राणा, बेटा अभिषेक राणा, ज्ञानो देवी और बख्शी राम ने कहा कि कुलदीप सिंह की मौत एक साजिश के तहत हुई है।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 17 नवंबर को कुलदीप सिंह पर घर से कुछ दूरी पर एक साजिश के तहत गाड़ी चढ़ा दी गई, जिसके बाद उनकी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पत्नी अंजना कुमारी ने कहा कि वह दिहाड़ी मजदूरी के लिए रोजाना की तरह घर से बाहर गए हुए थे। वारदात के समय शाम करीब पौने पांच बजे घर के रास्ते में उन्हें एक गाड़ी के जरिए कुचल दिया गया। उन्होंने काफी देर फोन पर संपर्क करने की कोशिश की। पहले तो फोन नहीं उठाया, लेकिन बाद में गांव के ही एक युवक ने कुलदीप सिंह का फोन उठाया और कहा कि उनके पति को हलकी चोट लग गई है। जिसके बाद अंजना कुमारी और बेटा अभिषेक मौके पर पहुंचे लेकिन तभी फोन करने वाला शख्स उसके पति को अपनी गाड़ी में उठाकर अस्पताल ले गया। अस्पताल में उन्हें चिकित्सकों से कोई बात नहीं करने दी गई। अंजना ने बताया कि वह स्वयं दिव्यांग हैं और घर पर दो बेटियां, एक बेटा व बुजुर्ग सास व ससुर हैं। परिवार बीपीएल सूची में शामिल है। पति की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिला प्रशासन की तरफ से भी कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है। उधर, उपायुक्त संदीप कदम ने इस मामले में उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।
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प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि 17 नवंबर को कुलदीप सिंह पर घर से कुछ दूरी पर एक साजिश के तहत गाड़ी चढ़ा दी गई, जिसके बाद उनकी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। पत्नी अंजना कुमारी ने कहा कि वह दिहाड़ी मजदूरी के लिए रोजाना की तरह घर से बाहर गए हुए थे। वारदात के समय शाम करीब पौने पांच बजे घर के रास्ते में उन्हें एक गाड़ी के जरिए कुचल दिया गया। उन्होंने काफी देर फोन पर संपर्क करने की कोशिश की। पहले तो फोन नहीं उठाया, लेकिन बाद में गांव के ही एक युवक ने कुलदीप सिंह का फोन उठाया और कहा कि उनके पति को हलकी चोट लग गई है। जिसके बाद अंजना कुमारी और बेटा अभिषेक मौके पर पहुंचे लेकिन तभी फोन करने वाला शख्स उसके पति को अपनी गाड़ी में उठाकर अस्पताल ले गया। अस्पताल में उन्हें चिकित्सकों से कोई बात नहीं करने दी गई। अंजना ने बताया कि वह स्वयं दिव्यांग हैं और घर पर दो बेटियां, एक बेटा व बुजुर्ग सास व ससुर हैं। परिवार बीपीएल सूची में शामिल है। पति की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिला प्रशासन की तरफ से भी कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है। उधर, उपायुक्त संदीप कदम ने इस मामले में उचित कदम उठाने का आश्वासन दिया।
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