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निगम के पास करूणामूलक के 200 मामले लंबित
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हमीरपुर। हिमाचल पथ परिवहन निगम में करुणामूलक आश्रितों के करीब 200 मामले लंबित हैं। यह सभी मामले निगम में करीब 15 वर्षों से लटके हैं। निगम ने करुणामूलक आश्रितों को कोटा नहीं दिया है इस वजह से आश्रित परिवारों को परेशानी झेलनी पड़ रही है और दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ रहा है। यह आरोप प्रदेश करुणामूलक संघ के मीडिया प्रभारी रजत पठानिया ने लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि एक तो आश्रित परिवारों ने कमाने वाला सदस्य खोया है और दूसरी ओर निगम करुणामूलक मामलों को निपटाने में देरी कर रहा है। करुणामूलक मामलों के निपटारे में परिवहन मंत्री की तरफ से भी कोई आदेश नहीं दिया गया है। पठानिया ने कहा कि निगम में 568 पदों पर कंडक्टर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। 5 फीसदी कोटे के तहत भी विभाग में 28 पद बनते हैं। लेकिन करुणामूलक आश्रितों को इसमें भी कोटा नहीं दिया गया। पठानिया ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और प्रदेश ट्रांसपोर्ट मंत्री विक्रम ठाकुर से आग्रह किया कि आने वाले विधानसभा सत्र में करूणामूलक आश्रितों को नियुक्तियां प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव पर मुहर लगाई जाए।
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उन्होंने कहा कि एक तो आश्रित परिवारों ने कमाने वाला सदस्य खोया है और दूसरी ओर निगम करुणामूलक मामलों को निपटाने में देरी कर रहा है। करुणामूलक मामलों के निपटारे में परिवहन मंत्री की तरफ से भी कोई आदेश नहीं दिया गया है। पठानिया ने कहा कि निगम में 568 पदों पर कंडक्टर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है। 5 फीसदी कोटे के तहत भी विभाग में 28 पद बनते हैं। लेकिन करुणामूलक आश्रितों को इसमें भी कोटा नहीं दिया गया। पठानिया ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और प्रदेश ट्रांसपोर्ट मंत्री विक्रम ठाकुर से आग्रह किया कि आने वाले विधानसभा सत्र में करूणामूलक आश्रितों को नियुक्तियां प्रदान करने संबंधी प्रस्ताव पर मुहर लगाई जाए।
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