{"_id":"5aef008b4f1c1b05418b86ad","slug":"171525612683-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"16 वर्ष पहले शहीद हुए सैनिक के परिवार को दिया एक लाख का चेक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
16 वर्ष पहले शहीद हुए सैनिक के परिवार को दिया एक लाख का चेक
Updated Sun, 06 May 2018 07:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बड़सर/बिझड़ी(हमीरपुर)। उपमंडल की पंचायत बणी के गांव मंगरोली के शहीद सुशील कुमार पुत्र किशन सिंह के परिवार को सेना ने एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया है। रविवार को सेना की ओर से नायब सूबेदार सुनील दत्त शहीद के बणी स्थित गांव मंगरोली पहुंचे और शहीद के परिवार को एक लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। शहीदी के 16 साल बाद वर्दी में सेना के जवान घर-द्वार पहुंचे तो परिवार सदस्यों की आंखें नम हो गईं और पुरानी यादें फिर से ताजा हो गईं।
बणी पंचायत के गांव मंगरोली का सुशील कुमार 16वीं बटालियन दी डोगरा रेजिमेंट में सेवारत था। दो वर्ष की नौकरी के उपरांत पंजाब के अमृतसर बाघा बॉर्डर के पास 5 जनवरी 2002 को माइनिंग ब्लास्ट में सुशील कुमार शहीद हो गया। 16 साल बाद सेना की ओर से नायब सूबेदार सुनील दत्त के घर पहुंचने पर परिवार की यादें ताजा हो गईं। उस दौरान शहीद की पत्नी अनुराधा गर्भवती थी। उसने एक बेटी को जन्म दिया। आज बेटी शिया पठानिया 16 वर्ष की हो चुकी है और जमा दो कक्षा में पढ़ रही है। परिवार सदस्यों के कहने पर अनुराधा की शादी देवर अनिल कुमार से कर दी लेकिन शहीद की मौत से जो जख्म मिले हैं, आज तक भर नहीं पाए हैं। उनका एक बेटा भी है। सेना की ओर से सूबेदार सुनील दत्त ने शहीद की पत्नी अनुराधा को एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया। नायब सूबेदार सुनील दत्त ने बताया कि सेना की संस्था बीना नायर द्वारा शहीद के परिवार व बच्चों की शिक्षा के लिए यह राशि प्रदान की गई है। संस्था ने निर्णय लिया है कि शहीद के परिवारों को आर्थिक सहायता के अलावा बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सहायता प्रदान की जाए। इस दौरान शहीद के पिता किशन सिंह, माता रीता देवी, भाई अनिल कुमार और बेटी शिया पठानिया आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
बणी पंचायत के गांव मंगरोली का सुशील कुमार 16वीं बटालियन दी डोगरा रेजिमेंट में सेवारत था। दो वर्ष की नौकरी के उपरांत पंजाब के अमृतसर बाघा बॉर्डर के पास 5 जनवरी 2002 को माइनिंग ब्लास्ट में सुशील कुमार शहीद हो गया। 16 साल बाद सेना की ओर से नायब सूबेदार सुनील दत्त के घर पहुंचने पर परिवार की यादें ताजा हो गईं। उस दौरान शहीद की पत्नी अनुराधा गर्भवती थी। उसने एक बेटी को जन्म दिया। आज बेटी शिया पठानिया 16 वर्ष की हो चुकी है और जमा दो कक्षा में पढ़ रही है। परिवार सदस्यों के कहने पर अनुराधा की शादी देवर अनिल कुमार से कर दी लेकिन शहीद की मौत से जो जख्म मिले हैं, आज तक भर नहीं पाए हैं। उनका एक बेटा भी है। सेना की ओर से सूबेदार सुनील दत्त ने शहीद की पत्नी अनुराधा को एक लाख रुपये का चेक प्रदान किया। नायब सूबेदार सुनील दत्त ने बताया कि सेना की संस्था बीना नायर द्वारा शहीद के परिवार व बच्चों की शिक्षा के लिए यह राशि प्रदान की गई है। संस्था ने निर्णय लिया है कि शहीद के परिवारों को आर्थिक सहायता के अलावा बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए सहायता प्रदान की जाए। इस दौरान शहीद के पिता किशन सिंह, माता रीता देवी, भाई अनिल कुमार और बेटी शिया पठानिया आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन