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शहर के प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी होगा पीने योग्य
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हमीरपुर। प्राकृतिक जल स्रोतों के पानी को पीने योग्य बनाने के लिए नगर परिषद ने अभियान शुरू कर दिया है। कुओं, बावड़ियों और पेयजल टंकियों में नगर परिषद कर्मचारियों की ओर से उचित मात्रा में क्लोरीन डाली जा रही है। नगर परिषद हमीरपुर के सभी 11 वार्डों के कुओं और बावड़ियों में यह दवा डाली जा रही है। इसके साथ झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को इस बारे में जागरूक भी किया जा रहा है। नगर परिषद हमीरपुर के सफाई इंचार्ज रविंद्र शर्मा की अध्यक्षता में यह अभियान चलाया गया है।
नगर परिषद के कर्मचारी प्रत्येक वार्ड में पहुंच कर कुओं, बावड़ियों और पेयजल टंकियों में क्लोरीन डाल रहे हैं। प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी स्वच्छ हो, इसके लिए नगर परिषद की ओर से यह अभियान शुरू किया गया है। कई बार पेयजल किल्लत होने पर लोग प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी भरते हैं। प्राकृतिक जल स्रोत पेयजल समस्या को दूर करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इनके पानी को साफ रखने का जिम्मा नगर परिषद ने उठाया है। दूषित पानी के इस्तेमाल से लोग बीमार न हों, इसके लिए नगर परिषद पानी को साफ करने के लिए क्लोरीन दवा डाल रही है। इस संबंध में सफाई इंचार्ज रविंद्र शर्मा ने कहा कि सभी 11 वार्डों के कुओं, बावड़ियों और पेयजल टंकियों में क्लोरीन डाली गई है। उन्होंने कहा कि झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को यह दवा वितरित भी गई है ताकि, वह खुद भी समय पर इस दवा को डाल सकें।
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नगर परिषद के कर्मचारी प्रत्येक वार्ड में पहुंच कर कुओं, बावड़ियों और पेयजल टंकियों में क्लोरीन डाल रहे हैं। प्राकृतिक जल स्रोतों का पानी स्वच्छ हो, इसके लिए नगर परिषद की ओर से यह अभियान शुरू किया गया है। कई बार पेयजल किल्लत होने पर लोग प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी भरते हैं। प्राकृतिक जल स्रोत पेयजल समस्या को दूर करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इनके पानी को साफ रखने का जिम्मा नगर परिषद ने उठाया है। दूषित पानी के इस्तेमाल से लोग बीमार न हों, इसके लिए नगर परिषद पानी को साफ करने के लिए क्लोरीन दवा डाल रही है। इस संबंध में सफाई इंचार्ज रविंद्र शर्मा ने कहा कि सभी 11 वार्डों के कुओं, बावड़ियों और पेयजल टंकियों में क्लोरीन डाली गई है। उन्होंने कहा कि झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले लोगों को यह दवा वितरित भी गई है ताकि, वह खुद भी समय पर इस दवा को डाल सकें।
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