{"_id":"5b8bf04d42c79246627ac800","slug":"141535897677-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहकारी सभा हनोह में अनियमितता की रिपोर्ट नहीं आई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहकारी सभा हनोह में अनियमितता की रिपोर्ट नहीं आई
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:01 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भोरंज (हमीरपुर)। उपमंडल भोरंज के अंतर्गत पड़ती सहकारी सभा हनोह में अनियमितताओं की जांच के 15 दिन बाद भी रिपोर्ट नहीं आई है। जांच रिपोर्ट न आने से ग्रामीणों में रोष है। ग्रामीणों ने खाद्य आपूर्ति विभाग के रजिस्ट्रार से स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि फिर भी जांच को सही दिशा नहीं दी गई तो वे मामले को कोर्ट में ले जाएंगे। लोगों में कश्मीर सिंह चौहान, कैप्टन कश्मीर सिंह, मेहर सिंह, रुलिया राम, धर्म सिंह चौहान, धर्म चंद शर्मा, कश्मीरा देवी, अमर नाथ चौहान आदि ने कहा कि 15 वर्ष से सहकारी सभा में कमेटी का गठन नहीं हुआ है।
डिपो खुलने का समय 11 बजे है और साफ सफाई का भी कोई ध्यान नहीं है। सहकारी सभा में शौचालय का भी कोई प्रबंध नहीं है। सहकारी सभा में 650 परिवारों के राशन देने के लिए सेल्समैन पिछले 14-15 वर्षों से नहीं हैं। जब सचिव को सेल्समैन रखने के लिए कहा जाता है तो वह टालमटोल करता है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से सहकारी सभा की उचित एजेंसी या सीबीआई से जांच कराई जाने की मांग की है ताकि, अनियमितताओं का पता चले और दोषियों को सजा मिल सके। ग्रामीणों ने शीघ्र खाद्य आपूर्ति विभाग के रजिस्ट्रार से मामले की जांच स्वयं करने की मांग की है।
विज्ञापन
डिपो खुलने का समय 11 बजे है और साफ सफाई का भी कोई ध्यान नहीं है। सहकारी सभा में शौचालय का भी कोई प्रबंध नहीं है। सहकारी सभा में 650 परिवारों के राशन देने के लिए सेल्समैन पिछले 14-15 वर्षों से नहीं हैं। जब सचिव को सेल्समैन रखने के लिए कहा जाता है तो वह टालमटोल करता है। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से सहकारी सभा की उचित एजेंसी या सीबीआई से जांच कराई जाने की मांग की है ताकि, अनियमितताओं का पता चले और दोषियों को सजा मिल सके। ग्रामीणों ने शीघ्र खाद्य आपूर्ति विभाग के रजिस्ट्रार से मामले की जांच स्वयं करने की मांग की है।
विज्ञापन