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फाहल के नीरज की 40 दिनों से कोई सूचना नहीं
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नादौन (हमीरपुर)। विधानसभा क्षेत्र नादौन की गलोड़ उपतहसील के तहत आते फाहल गांव का नीरज सिंह बीते माह रूस के समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हुए जहाज के बाद से लापता है। जिसे लेकर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। 21 वर्षीय नीरज पिछले करीब चालीस दिनों से लापता है। नीरज के पिता कुलदीप सिंह ने बताया कि मर्चेंट नेवी में कार्यरत उनका बेटा मुंबई की निंबस कंपनी में कार्यरत था। जोकि अपने जहाज में रूस गया था। जहां गत 21 जनवरी को यूक्रेन और क्रीमिया के बार्डर पर जहाज दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। उन्होंने बताया कि इस दुर्घटना में कंपनी के दो जहाज पूरी तरह से नष्ट हो गए थे।
दोनों जहाजों में हिमाचल के तीन युवक भी सवार थे। जिनमें से हमीरपुर के ही भलेठ गांव निवासी विशाल की मौत हो गई थी। जबकि, चंबा का सचिन बच गया था। परंतु उनके बेटे नीरज का आज तक पता नहीं चल पाया है। सचिन ने उन्हें बताया था कि रूस के कर्च बंदरगाह पर एलपीजी गैस जहाज में भरकर बार्डर के पास दूसरे जहाज में शिफ्ट कर रहे थे। इसी दौरान जहाजों में आग लग गई। उससे मची अफरा तफरी के बाद उन सबने समुद्र में छलांग लगा दी। जिन्हें रशियन नेवी ने बचाया। कुलदीप ने बताया कि वह स्वयं भी मर्चेंट नेवी में ही कार्यरत हैं और आजकल इराक में थे। परंतु घटना की सूचना मिलते ही वह घर पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे में वह सांसद अनुराग ठाकुर से मिल चुके हैं। जिन्होंने मामले के बारे में विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को अवगत करवाया है। कुलदीप सिंह ने बताया कि उन्हें गत 19 फरवरी को रशियन दूतावास से सूचना दी गई कि नीरज की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि नीरज की स्कूली शिक्षा हड़ेटा से हुई है। इसके बाद हमीरपुर कॉलेज से स्नातक करने के बाद 2017 में उसने मुंबई में कोर्स किया। सिंतबर 2018 में वह मर्चेंट नेवी में चला गया। इससे पूर्व वह अगस्त माह में ही घर आया था। उसके बाद से ही वह शिप में था। उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार से इस मामले में उनकी मदद करने की गुहार लगाई है ताकि, उनका बेटा सकुशल घर लौट सके। घर में नीरज की बहन नैंसी और माता स्वर्णलता का रो-रो कर बुरा हाल है। उन्होंने घर के चिराग को ढूंढने की गुहार लगाई है।
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दोनों जहाजों में हिमाचल के तीन युवक भी सवार थे। जिनमें से हमीरपुर के ही भलेठ गांव निवासी विशाल की मौत हो गई थी। जबकि, चंबा का सचिन बच गया था। परंतु उनके बेटे नीरज का आज तक पता नहीं चल पाया है। सचिन ने उन्हें बताया था कि रूस के कर्च बंदरगाह पर एलपीजी गैस जहाज में भरकर बार्डर के पास दूसरे जहाज में शिफ्ट कर रहे थे। इसी दौरान जहाजों में आग लग गई। उससे मची अफरा तफरी के बाद उन सबने समुद्र में छलांग लगा दी। जिन्हें रशियन नेवी ने बचाया। कुलदीप ने बताया कि वह स्वयं भी मर्चेंट नेवी में ही कार्यरत हैं और आजकल इराक में थे। परंतु घटना की सूचना मिलते ही वह घर पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि इस बारे में वह सांसद अनुराग ठाकुर से मिल चुके हैं। जिन्होंने मामले के बारे में विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को अवगत करवाया है। कुलदीप सिंह ने बताया कि उन्हें गत 19 फरवरी को रशियन दूतावास से सूचना दी गई कि नीरज की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि नीरज की स्कूली शिक्षा हड़ेटा से हुई है। इसके बाद हमीरपुर कॉलेज से स्नातक करने के बाद 2017 में उसने मुंबई में कोर्स किया। सिंतबर 2018 में वह मर्चेंट नेवी में चला गया। इससे पूर्व वह अगस्त माह में ही घर आया था। उसके बाद से ही वह शिप में था। उन्होंने प्रदेश और केंद्र सरकार से इस मामले में उनकी मदद करने की गुहार लगाई है ताकि, उनका बेटा सकुशल घर लौट सके। घर में नीरज की बहन नैंसी और माता स्वर्णलता का रो-रो कर बुरा हाल है। उन्होंने घर के चिराग को ढूंढने की गुहार लगाई है।
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