{"_id":"5b44f1154f1c1bbc248b5b74","slug":"11531244821-hamirpur-hp-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायतों में सीमेंट रखने के लिए व्यवस्था करे सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायतों में सीमेंट रखने के लिए व्यवस्था करे सरकार
Updated Tue, 10 Jul 2018 11:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नादौन (हमीरपुर)। पंचायत समिति हाल नादौन में उपमंडल के पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक मंगलवार को हुई। इसकी अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी नादौन तविंद्र चनौरिया ने की। इसमें क्षेत्र की पंचायतों के प्रधानों और उपप्रधानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस दौरान कई समस्याओं और सुझावों पर चर्चा की गई। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि घरों के बाहर बनाए जा रहे सोख्ता पिट समस्या बनते जा रहे हैं। इनकी सही प्रकार से सफाई न होने से बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। घरों के बाहर रास्तों के किनारे बने सोख्ता पिट राहगीरों के लिए भी परेशानी बने हैं।
रास्ते से गुजरते समय उन्हें बदबू का सामना करना पड़ता है। बरसाती पानी इकट्ठा करने के लिए सरकारी स्कीमों से अनुदान में बनाए गए वर्षा जल संग्रहण टैंकों का भी दुरुपयोग हो रहा है। इन टैंकों में नल का पानी भरा जा रहा है। कहीं पर तो इन टैंकों पर शौचालय ही बना दिए गए हैं। प्रदेश सरकार के खनन पर प्रतिबंध लगाए जाने से खनन सामग्री महंगी मिल रही है। जिसके कारण पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मनरेगा लेबर भी मनमर्जी से कार्य कर रही है। जिससे सरकार के लाखों रुपये व्यर्थ जा रहे हैं। बरसात का समय है और पंचायतों के पास सीमेंट रखने का उचित स्थान नहीं है। सरकार पंचायतों में सीमेंट को रखने का प्रबंध करे। इसके अलावा बैठक में अन्य समस्याओं और मुद्दों पर भी चर्चा की गई। बीडीओ तविंद्र चनौरिया ने कहा कि वह पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं के समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जिन पंचायतों को विकास कार्यों के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई गई है, वह पंचायतें विकास कार्यों के बारे में किसी प्रकार की कोई ढील न बरतें और विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करें ताकि, सरकारी योजनाओं का लोगों को लाभ मिल सके।
विज्ञापन
रास्ते से गुजरते समय उन्हें बदबू का सामना करना पड़ता है। बरसाती पानी इकट्ठा करने के लिए सरकारी स्कीमों से अनुदान में बनाए गए वर्षा जल संग्रहण टैंकों का भी दुरुपयोग हो रहा है। इन टैंकों में नल का पानी भरा जा रहा है। कहीं पर तो इन टैंकों पर शौचालय ही बना दिए गए हैं। प्रदेश सरकार के खनन पर प्रतिबंध लगाए जाने से खनन सामग्री महंगी मिल रही है। जिसके कारण पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। मनरेगा लेबर भी मनमर्जी से कार्य कर रही है। जिससे सरकार के लाखों रुपये व्यर्थ जा रहे हैं। बरसात का समय है और पंचायतों के पास सीमेंट रखने का उचित स्थान नहीं है। सरकार पंचायतों में सीमेंट को रखने का प्रबंध करे। इसके अलावा बैठक में अन्य समस्याओं और मुद्दों पर भी चर्चा की गई। बीडीओ तविंद्र चनौरिया ने कहा कि वह पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं के समाधान का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से जिन पंचायतों को विकास कार्यों के लिए धनराशि उपलब्ध करवाई गई है, वह पंचायतें विकास कार्यों के बारे में किसी प्रकार की कोई ढील न बरतें और विकास कार्यों को शीघ्र पूरा करें ताकि, सरकारी योजनाओं का लोगों को लाभ मिल सके।
विज्ञापन