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परीक्षाएं सिर पर, अध्यापक ट्रेनिंग से बच्चों की पढ़ाई बाधित
Updated Mon, 10 Dec 2018 11:16 PM IST
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हमीरपुर। स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं सिर पर हैं, लेकिन शिक्षा विभाग ने सिलेबस पूरा करवाने के बजाय स्कूल अध्यापकों को ट्रेनिंग पर भेज दिया है। प्रदेशभर में खंड स्तर पर सर्व शिक्षा अभियान और माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह ट्रेनिंग प्रोग्राम 5-5 दिन का है। ट्रेनिंग में भाग लेने वाले अध्यापकों को टीए और डीएम समेत दोपहर के भोजन की व्यवस्था पर भी बजट खर्च हो रहा है। हायर सेकेंडरी में तो जैसे-तैसे कक्षाएं चल रही हैं लेकिन मिडल स्कूलों में एक विषय का एक अध्यापक होने के चलते काफी परेशानी हो रही है।
अध्यापकों के ट्रेनिंग में भाग लेने के चलते स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। चूंकि प्रदेशभर में कई ऐसे मिडल स्कूल हैं, जहां पर अध्यापकों की कमी है। टीजीटी मेडिकल, नॉन मेडिकल और टीजीटी आर्ट्स अध्यापकों को खंड स्तर पर सर्व शिक्षा अभियान के तहत पांच-पांच दिन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण शिविर में अध्यापकों को अध्यापन की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। अभिभावकों राकेश शर्मा, विनोद ठाकुर, प्रदीप चौहान और प्रियंका शर्मा का कहना है कि दिसंबर माह में अध्यापकों को ट्रेनिंग पर भेजने से स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। उधर, राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली का कहना है कि स्कूल अध्यापकों को खंड स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्कूल अध्यापकों के लिए यह ट्रेनिंग अनिवार्य है। लेकिन अभी तक स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई से संबंधित कोई शिकायत नहीं मिली है। वहीं शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक देशराज बरवाल का कहना है कि खंड स्तर पर अध्यापकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने कहा कि शिमला से दिसंबर माह में ही ट्रेनिंग का शेड्यूल मिला है।
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अध्यापकों के ट्रेनिंग में भाग लेने के चलते स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। चूंकि प्रदेशभर में कई ऐसे मिडल स्कूल हैं, जहां पर अध्यापकों की कमी है। टीजीटी मेडिकल, नॉन मेडिकल और टीजीटी आर्ट्स अध्यापकों को खंड स्तर पर सर्व शिक्षा अभियान के तहत पांच-पांच दिन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस प्रशिक्षण शिविर में अध्यापकों को अध्यापन की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। अभिभावकों राकेश शर्मा, विनोद ठाकुर, प्रदीप चौहान और प्रियंका शर्मा का कहना है कि दिसंबर माह में अध्यापकों को ट्रेनिंग पर भेजने से स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। उधर, राज्य परियोजना निदेशक आशीष कोहली का कहना है कि स्कूल अध्यापकों को खंड स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्कूल अध्यापकों के लिए यह ट्रेनिंग अनिवार्य है। लेकिन अभी तक स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई से संबंधित कोई शिकायत नहीं मिली है। वहीं शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक देशराज बरवाल का कहना है कि खंड स्तर पर अध्यापकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने कहा कि शिमला से दिसंबर माह में ही ट्रेनिंग का शेड्यूल मिला है।
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