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फीमेल हेल्थ वर्कर्स परीक्षा में जीएनएम अभ्यर्थियों के भाग लेने पर आक्रोश
Updated Mon, 27 Aug 2018 11:22 PM IST
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हमीरपुर। प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की ओर से पोस्ट कोड-651 के तहत ली गई फीमेल हेल्थ वर्कर्स की परीक्षा में जीएनएम (जनरल नर्सिंग और मिडवाइफरी) और बीएससी अभ्यर्थियों के भाग लेने पर एएनएम अभ्यर्थी भड़क गए हैं। अभ्यर्थियों में प्रोमिला कुमारी, निशा कुमारी, चद्रेश कुमारी और प्रोमिला देवी आदि का कहना है कि बीती 22 अगस्त को फीमेल हेल्थ वर्कर्स के पदों के लिए ली गई परीक्षा में जीएनएम और बीएससी अभ्यर्थियों ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि इन पदों के लिए जीएनएम और बीएससी वालों का क्या काम है? क्योंकि फीमेल हेल्थ वर्कर्स के पदों के लिए जीएनएम और बीएससी का सिलेबस एक जैसा नहीं है।
इन पदों पर जीएनएम और बीएससी वालों के भाग लेने से एएनएम के साथ भेदभाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब अस्पतालों में एएनएम वालों को जीएनएम के समान नहीं समझा जाता तो उनके पदों के पर जीएनएम वालों की भर्ती क्यों की जा रही है। इससे उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है। नौकरी के इंतजार में आयु भी बढ़ती जा रही है लेकिन, जब पद निकले तो जीएनएम और बीएससी होल्डर ने भी इन पदों के लिए परीक्षा दी। ऐसे अभ्यर्थियों ने फीमेल हेल्थ वर्कर्स के पद उन्हीं में से भरने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि ली गई छंटनी परीक्षा को या तो रद्द किया जाए या इसके लिए ठोस कार्रवाई की जाए।
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इन पदों पर जीएनएम और बीएससी वालों के भाग लेने से एएनएम के साथ भेदभाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब अस्पतालों में एएनएम वालों को जीएनएम के समान नहीं समझा जाता तो उनके पदों के पर जीएनएम वालों की भर्ती क्यों की जा रही है। इससे उन्हें रोजगार नहीं मिल रहा है। नौकरी के इंतजार में आयु भी बढ़ती जा रही है लेकिन, जब पद निकले तो जीएनएम और बीएससी होल्डर ने भी इन पदों के लिए परीक्षा दी। ऐसे अभ्यर्थियों ने फीमेल हेल्थ वर्कर्स के पद उन्हीं में से भरने की मांग की है। अभ्यर्थियों का कहना है कि ली गई छंटनी परीक्षा को या तो रद्द किया जाए या इसके लिए ठोस कार्रवाई की जाए।
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