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कोहला स्कूल में बताए डेंगू के लक्षण और बचाव के तरीके
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नादौन (हमीरपुर)। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग खंड नादौन के सौजन्य से राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर राजकीय उच्च विद्यालय कोहला में खंड स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें खंड चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कौशल और खंड स्वास्थ्य शिक्षक राम प्रसाद शर्मा ने उपस्थित विद्यार्थियों को डेंगू के विषय में जानकारी दी। बताया कि जानकारी के अभाव में हर साल हजारों लोग डेंगू बुखार की चपेट में आते हैं। डेंगू बुखार एडीज मच्छर के काटने से डेंगू वायरस के कारण होता है। बारिश के मौसम में यह और जानलेवा हो जाता है।
समय पर इलाज के अभाव में डेंगू रक्तस्रावी बुखार होने लगता है और डेंगू आघात सिंड्रोम जैसी जटिलताएं होने पर फेफड़े, जिगर और दिल को नुकसान पहुंचा सकता है। डेंगू के दौरान गंभीर पेट दर्द, सांस लेने में कठिनाई, जोड़ों और मासपेशियों में दर्द, भूख कम लगना, चमड़ी में लाल धब्बे पड़ना, तेज ठंड लगकर बुखार आना, नाक मुंह से खून बहना, खून या सामान्य उल्टी होना, मल का रंग काला होना, बेवजह थकान और कमजोरी और अधिक पसीना आना आदि लक्षण होते हैं। डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें, बुखार कोई भी हो अपने खून की जांच अवश्य करवाएं, मच्छरों को पनपने न दें, जालीदार खिड़कियां दरवाजे लगवाएं, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें तथा कपड़े ऐसे पहनें जिनसे शरीर पूरी तरह ढका रहे। इस अवसर पर मुख्याध्यापक लता पठानिया, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता राजकुमार, बशीर और नरेंद्र भी उपस्थित रहे।
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समय पर इलाज के अभाव में डेंगू रक्तस्रावी बुखार होने लगता है और डेंगू आघात सिंड्रोम जैसी जटिलताएं होने पर फेफड़े, जिगर और दिल को नुकसान पहुंचा सकता है। डेंगू के दौरान गंभीर पेट दर्द, सांस लेने में कठिनाई, जोड़ों और मासपेशियों में दर्द, भूख कम लगना, चमड़ी में लाल धब्बे पड़ना, तेज ठंड लगकर बुखार आना, नाक मुंह से खून बहना, खून या सामान्य उल्टी होना, मल का रंग काला होना, बेवजह थकान और कमजोरी और अधिक पसीना आना आदि लक्षण होते हैं। डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए घर के आसपास पानी जमा न होने दें, बुखार कोई भी हो अपने खून की जांच अवश्य करवाएं, मच्छरों को पनपने न दें, जालीदार खिड़कियां दरवाजे लगवाएं, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें तथा कपड़े ऐसे पहनें जिनसे शरीर पूरी तरह ढका रहे। इस अवसर पर मुख्याध्यापक लता पठानिया, बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता राजकुमार, बशीर और नरेंद्र भी उपस्थित रहे।
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