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अब दो और चिकित्सकों ने छोड़ा मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
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हमीरपुर। डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में सुविधाओं के अभाव के कारण अब दो और चिकित्सकों ने अस्पताल छोड़ दिया है। इससे पूर्व करीब एक दर्जन चिकित्सक अस्पताल छोड़ चुके हैं। अब अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग की चिकित्सक और शिशु रोग विभाग के चिकित्सक ने अस्पताल से रिजाइन दे दिया है। रेडियोलॉजी विभाग की चिकित्सक ने हाल ही में अस्पताल को ज्वाइन किया था लेकिन, उन्होंने अस्पताल छोड़ दिया है। इसका मुख्य कारण अस्पताल में चल रही असुविधाएं और अव्यवस्थाओं का माहौल बताया जा रहा है। कई चिकित्सकों ने पूर्व में रोस्टर से नाखुश होकर भी अस्पताल छोड़ा है।
अस्पताल से नौकरी छोड़ने वाले चिकित्सकों में असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर व सीनियर रेजिडेंट शामिल हैं। इससे अस्पताल के कई विभागों में चिकित्सकों की कमी चल रही है। अस्पताल से पूर्व में सर्जरी सहित, एनेस्थीसिया, मनोवैज्ञानिक ट्यूटर, फोरेंसिंग विशेषज्ञ सहित अन्यों ने नौकरी छोड़ी है। अब रेडियोलॉजिस्ट और शिशु रोग विशेषज्ञ ने रिजाइन दे दिया है। बताया जा रहा है कि अस्पताल को छोड़कर अधिकतर चिकित्सक निजी क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। अस्पताल के कई विभागों में तो चिकित्सकों का टोटा चल रहा है लेकिन, कई ऐसे विभाग भी है जहां पर चिकित्सकों की अधिकता के कारण वार्ड में उनके बैठने तक की जगह नहीं है। एमएस डा. अनिल वर्मा का कहना है कि चिकित्सकों के अस्पताल छोड़ने की उनके पास कोई जानकारी नहीं है। लेकिन, शिशु रोग विशेषज्ञ ने पूर्व में रिजाइन दिया था। इस बारे में जानकारी संबंधित विभाग के एचओडी को रहती है। वहीं रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी डा. पवन सोनी का कहना है कि रेडियोलॉजिस्ट महिला चिकित्सक ने रिजाइन दिया है।
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अस्पताल से नौकरी छोड़ने वाले चिकित्सकों में असिस्टेंट प्रोफेसर और जूनियर व सीनियर रेजिडेंट शामिल हैं। इससे अस्पताल के कई विभागों में चिकित्सकों की कमी चल रही है। अस्पताल से पूर्व में सर्जरी सहित, एनेस्थीसिया, मनोवैज्ञानिक ट्यूटर, फोरेंसिंग विशेषज्ञ सहित अन्यों ने नौकरी छोड़ी है। अब रेडियोलॉजिस्ट और शिशु रोग विशेषज्ञ ने रिजाइन दे दिया है। बताया जा रहा है कि अस्पताल को छोड़कर अधिकतर चिकित्सक निजी क्षेत्र में सेवाएं दे रहे हैं। अस्पताल के कई विभागों में तो चिकित्सकों का टोटा चल रहा है लेकिन, कई ऐसे विभाग भी है जहां पर चिकित्सकों की अधिकता के कारण वार्ड में उनके बैठने तक की जगह नहीं है। एमएस डा. अनिल वर्मा का कहना है कि चिकित्सकों के अस्पताल छोड़ने की उनके पास कोई जानकारी नहीं है। लेकिन, शिशु रोग विशेषज्ञ ने पूर्व में रिजाइन दिया था। इस बारे में जानकारी संबंधित विभाग के एचओडी को रहती है। वहीं रेडियोलॉजी विभाग के एचओडी डा. पवन सोनी का कहना है कि रेडियोलॉजिस्ट महिला चिकित्सक ने रिजाइन दिया है।
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