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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   10,208 students gave first term examinations in 151 examination centers in the district

जिले में 151 परीक्षा केंद्रों में 10,208 विद्यार्थियों ने दी फर्स्ट टर्म की परीक्षाएं

Fri, 16 Sep 2022 12:00 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 16 Sep 2022 12:00 AM IST
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10,208 students gave first term examinations in 151 examination centers in the district
बाल स्कूल हमीरपुर में परीक्षा देने के बाद बाहर आते छात्र। - फोटो : Hamirpur-HP
हमीरपुर। जिलाभर के दसवीं एवं बारहवीं कक्षा के 10,208 विद्यार्थियों ने वीरवार को 151 परीक्षा केंद्रों पर फर्स्ट टर्म की परीक्षाएं दीं। दसवीं कक्षा के 4,213 विद्यार्थियों ने अंग्रेजी, बारहवीं कक्षा के 5,995 विद्यार्थियों ने गणित की परीक्षा दी। परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। सभी विद्यार्थियों को शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार परीक्षा से पूर्व सुबह 8:30 बजे परीक्षा केंद्रों में बुलाया गया। कोरोना नियमों का पालन करते हुए विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। परीक्षा सुबह 8:45 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक आयोजित हुई।
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उच्चतर शिक्षा विभाग के उपनिदेशक बीडी शर्मा ने बताया कि जिलाभर के 151 परीक्षा केंद्रों पर दसवीं एवं बारहवीं कक्षा के 10,208 विद्यार्थियों ने फर्स्ट टर्म की परीक्षाएं। परीक्षाओं से पूर्व परीक्षा केंद्रों में सैनिटाइजेशन करवा दिया गया था। वहीं, शिक्षा विभाग की ओर से कुछ एक परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। परीक्षा के दौरान किसी भी केंद्र में विद्यार्थी अनुपस्थित एवं नकल करता हुआ नहीं पाया गया।
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गणित का पेपर कठिन होता है, लेकिन अध्यापकों ने पहले ही महत्वपूर्ण प्रश्नों को दोहराया था। इससे पेपर करने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। 50 में से 45 नंबर का पेपर हुआ। अगले पेपर को इससे अधिक तैयारी करूंगा।
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-अनुज जमा दो कक्षा का छात्र
बीते वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष पढ़ाई में काफी बोझ कम हुआ है। स्कूलों में शिक्षक प्रत्येक विषय को डिजिटल एवं प्रैक्टिकल के माध्यम से करवा रहे हैं। इससे पढ़ाई में काफी सहायता मिल रही हैै। परीक्षाओं के लिए मेहनत करने की जरूरत है। तभी अच्छे परिणाम आएंगे।
-चेष्ठा दसवीं कक्षा की छात्रा
अध्यापकों ने स्कूल में दो बार मिड टर्म की परीक्षाएं लीं। इससे पाठ्यक्रम का दोहराव पूरी तरह हो गया था। पेपर देने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं हुई। अध्यापकों ने स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर परीक्षाओं की तैयारी करवा दी थी।
-मुस्कान जमा दो कक्षा की छात्रा
पेपर में कोई भी प्रश्न बाहर से नहीं आया था। सेमेस्टर प्रणाली शुरू होने से पढ़ाई में काफी बोझ कम हुआ है। छह माह में आधा पाठ्यक्रम करवाया जा रहा है। इससे पढ़ने में आसानी हो रही है। वहीं, पेपर में भी 50 फीसदी पाठ्यक्रम ही डाला गया था।

पवन दसवीं कक्षा का छात्र
स्कूल में दाखिला तिथि बढ़ने के बाद कई अन्य सहपाठियों ने दाखिला लिया। इससे पढ़ाई पर प्रभाव पड़ा। शिक्षकों को दूसरे विद्यार्थियों को भी सभी के साथ जोड़ने के लिए बीच में से पाठ्यक्रम को छोड़कर पुन: शुरू करवाना पड़ा। इससे लगातार तीन बार पढ़ाई बाधित हुई।
-हरि ओम दसवीं कक्षा का छात्र
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