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Hamirpur (Himachal) News: स्कूली शिक्षा में अब 10+2 होगी खत्म, 5+3+3+4 की नई व्यवस्था होगी लागू
Fri, 28 Jul 2023 05:59 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 28 Jul 2023 05:59 AM IST
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केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की वर्षगांठ पर आयोजित बैठक में उपस्थित
हमीरपुर। केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर में वीरवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की तीसरी वर्षगांठ पर पत्रकार वार्ता की गई। पत्रकार वार्ता में केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर के प्रधानाचार्य सुनील चौहान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय के उद्देश्य एवं कार्य प्रणाली पर भी प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि अंतिम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 में बनाई थी, जिसे 1992 में संशोधित किया गया था। अंतरिक्ष वैज्ञानिक के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट के आधार पर वर्तमान नीति 29 जुलाई 2020 को घोषित की गई थी। इसके अंतर्गत पाठ्येतर और पाठ्यचर्या विषयों और शैक्षणिक, व्यावसायिक या कलात्मक विषयों के बीच बहुत अंतर नहीं होगा। मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान का महत्व बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत 10+2 के फार्मेट का खत्म कर 5+3+3+4 के फार्मेट में बदला जाएगा। इसका मतलब है कि स्कूल के पहले पांच साल में प्री प्राइमरी के तीन साल और पहली-दूसरी कक्षा सहित फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे। फिर अगले तीन साल को कक्षा तीन से पांच की तैयारी में विभाजित किया जाएगा। इसमें छात्रों को राज्य की आधिकारिक भाषा में अध्ययन करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। छात्रों को दो बार बोर्ड परीक्षा देने की अनुमति प्रदान की जाएगी।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत अंडर ग्रेजुएट कोर्स चार साल चलेगा। वहीं, शिक्षक के पद के लिए आवेदकों को चार साल का एकीकृत बीएड कोर्स पूरा करना होगा। शास्त्रीय भाषाओं और साहित्य से संबंधित पाठ्यक्रमों को भी स्कूलों में शुरू किया जाएगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत वर्ष 2030 तक सकल नामांकन अनुपात को 100 फीसदी लाने का लक्ष्य रखा गया है।
सुनील चौहान ने बाल वाटिका पर भी सभी को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारत के 450 केंद्रीय विद्यालयों में बाल वाटिकाएं शुरू की जा रही हैं और चरणबद्ध तरीके से सभी केंद्रीय विद्यालयों में शुरु कर दी जाएंगी। इस मौके पर उच्च शिक्षा के उपनिदेशक शकुंतला पटियाल, केंद्रीय विद्यालय नादौन के प्रधानाचार्य एसडी लखनपाल, जवाहर नवोदय विद्यालय डूंगरी की उप-प्रधानचार्य निशि गोयल, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हमीरपुर के अधीक्षक कंवर राज, हमीरपुर पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य घनश्याम, हिम अकादमी पब्लिक स्कूल के निदेशक पंकज लखनपाल सहित अन्य मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि अंतिम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 में बनाई थी, जिसे 1992 में संशोधित किया गया था। अंतरिक्ष वैज्ञानिक के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट के आधार पर वर्तमान नीति 29 जुलाई 2020 को घोषित की गई थी। इसके अंतर्गत पाठ्येतर और पाठ्यचर्या विषयों और शैक्षणिक, व्यावसायिक या कलात्मक विषयों के बीच बहुत अंतर नहीं होगा। मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान का महत्व बढ़ाया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत 10+2 के फार्मेट का खत्म कर 5+3+3+4 के फार्मेट में बदला जाएगा। इसका मतलब है कि स्कूल के पहले पांच साल में प्री प्राइमरी के तीन साल और पहली-दूसरी कक्षा सहित फाउंडेशन स्टेज शामिल होंगे। फिर अगले तीन साल को कक्षा तीन से पांच की तैयारी में विभाजित किया जाएगा। इसमें छात्रों को राज्य की आधिकारिक भाषा में अध्ययन करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। छात्रों को दो बार बोर्ड परीक्षा देने की अनुमति प्रदान की जाएगी।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत अंडर ग्रेजुएट कोर्स चार साल चलेगा। वहीं, शिक्षक के पद के लिए आवेदकों को चार साल का एकीकृत बीएड कोर्स पूरा करना होगा। शास्त्रीय भाषाओं और साहित्य से संबंधित पाठ्यक्रमों को भी स्कूलों में शुरू किया जाएगा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत वर्ष 2030 तक सकल नामांकन अनुपात को 100 फीसदी लाने का लक्ष्य रखा गया है।
सुनील चौहान ने बाल वाटिका पर भी सभी को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारत के 450 केंद्रीय विद्यालयों में बाल वाटिकाएं शुरू की जा रही हैं और चरणबद्ध तरीके से सभी केंद्रीय विद्यालयों में शुरु कर दी जाएंगी। इस मौके पर उच्च शिक्षा के उपनिदेशक शकुंतला पटियाल, केंद्रीय विद्यालय नादौन के प्रधानाचार्य एसडी लखनपाल, जवाहर नवोदय विद्यालय डूंगरी की उप-प्रधानचार्य निशि गोयल, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हमीरपुर के अधीक्षक कंवर राज, हमीरपुर पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य घनश्याम, हिम अकादमी पब्लिक स्कूल के निदेशक पंकज लखनपाल सहित अन्य मौजूद रहे।