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HP: शिमला में कूड़े के ढेर पर तीर चलाते बाल राम की तस्वीर पर विवाद, BJP ने उठाए सवाल; नगर निगम ने दी ये सफाई
Sun, 02 Nov 2025 11:21 AM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 02 Nov 2025 11:21 AM IST
सार
Shimla Ram Poster Controversy: शिमला में नगर निगम की ओर से स्वच्छता का संदेश देता हुए पोस्टर पर विवाद हो गया है। पढ़ें पूरी खबर...
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नगर निगम शिमला द्वारा जारी पोस्टर/केंद्र सरकार द्वारा जारी पोस्टर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नगर निगम की ओर से स्वच्छता का संदेश देता हुआ एक पोस्टर लगाया गया था। अब ये पोस्टर ही विवाद की वजह बन गया है। पोस्टर में भगवान राम बाल रूप में कूड़े के ढेर पर बाण मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस पर जिला भाजपा अध्यक्ष केशव चौहान ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ये सनातन धर्म का अपमान है।
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'नगर निगम ने केंद्र सरकार के पोस्टर में किया बदलाव'
शिमला जिला अध्यक्ष केशव चौहान ने कहा कि नगर निगम ने केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए पोस्टर में बदलाव किया है। शिमला शहर में जो पोस्टर लगाए गए हैं उसमें भगवान श्रीराम के पांव को कचरे के बीच में दिखाया गया है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से जारी किए गए पोस्टर में वह इस कचरे के ढेर से दूर खड़े हैं। उन्होंने निगम पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं और इन्हें हटाने को कहा है। वहीं, नगर निगम ने कहा कि ये पोस्टर केंद्र सरकार ने जारी किया है हमने कोई नया पोस्टर नहीं लगाया है।
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स्वच्छता अभियान के बोर्ड में श्रीराम की तस्वीर लगाने पर विवाद
वहीं, देवभूमि संघर्ष समिति ने इसे लोगों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करार देते हुए छोटा शिमला पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दी है। शिकायत के माध्यम से समिति के पदाधिकारियों ने नगर निगम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और 24 घंटे के भीतर शहर में लगे इस तरह के सभी बोर्डों को हटाने की मांग की है। उन्होंने चेताया है कि अगर तय समय अवधि में यह बोर्ड नहीं हटाए तो सचिवालय के बाहर चक्का जाम किया जाएगा।
देवभूमि संघर्ष समिति के सह संयोजक विजय शर्मा ने बताया कि शनिवार को ही उन्हें इस बोर्ड के लगने की जानकारी मिली। इसके बाद वह और उनके पदाधिकारी मौके पर पहुंचे तो देखा कि सचिवालय के सामने यह बोर्ड लगाया है। उन्होंने कहा कि यहां पर मुख्यमंत्री समेत पूरी सरकार बैठती है। इसके बावजूद सनातन धर्म के लोगों की भावनाओं के साथ इस तरह का बोर्ड लगाया गया है, जिसमें भगवान श्रीराम को तीर मारकर कूड़ा जलाते हुए दिखाया है।
नगर निगम ने हाल ही में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और स्वच्छता वॉरियर बनने के लिए प्रेरित करने को लेकर शहर बोर्ड लगाए हैं, लेकिन इन बोर्ड में भगवान श्रीराम की तस्वीर का इस्तेमाल होने पर विवाद खड़ा हो गया है। वहीं दूसरी तरफ इस विवाद को लेकर अभ शहर में सियासत भी गरमाने लगी है। कुछ लोग इसे श्रद्धा के साथ मजाक करार दे रहे हैं।
वहीं, देवभूमि संघर्ष समिति ने इसे लोगों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ करार देते हुए छोटा शिमला पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दी है। शिकायत के माध्यम से समिति के पदाधिकारियों ने नगर निगम के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और 24 घंटे के भीतर शहर में लगे इस तरह के सभी बोर्डों को हटाने की मांग की है। उन्होंने चेताया है कि अगर तय समय अवधि में यह बोर्ड नहीं हटाए तो सचिवालय के बाहर चक्का जाम किया जाएगा।
देवभूमि संघर्ष समिति के सह संयोजक विजय शर्मा ने बताया कि शनिवार को ही उन्हें इस बोर्ड के लगने की जानकारी मिली। इसके बाद वह और उनके पदाधिकारी मौके पर पहुंचे तो देखा कि सचिवालय के सामने यह बोर्ड लगाया है। उन्होंने कहा कि यहां पर मुख्यमंत्री समेत पूरी सरकार बैठती है। इसके बावजूद सनातन धर्म के लोगों की भावनाओं के साथ इस तरह का बोर्ड लगाया गया है, जिसमें भगवान श्रीराम को तीर मारकर कूड़ा जलाते हुए दिखाया है।
नगर निगम ने हाल ही में स्वच्छ भारत मिशन के तहत लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और स्वच्छता वॉरियर बनने के लिए प्रेरित करने को लेकर शहर बोर्ड लगाए हैं, लेकिन इन बोर्ड में भगवान श्रीराम की तस्वीर का इस्तेमाल होने पर विवाद खड़ा हो गया है। वहीं दूसरी तरफ इस विवाद को लेकर अभ शहर में सियासत भी गरमाने लगी है। कुछ लोग इसे श्रद्धा के साथ मजाक करार दे रहे हैं।