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हिमाचल में अभी पटरी पर नहीं लौटी जिंदगी
शिमला/ब्यूरो
Updated Tue, 22 Jan 2013 10:45 AM IST
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बर्फबारी के चौथे दिन भी हिमाचल में जिंदगी पटरी पर नहीं लौटी है। लोग अभी तक बसों का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन बर्फ से ढकी सड़कों पर यातायात सामान्य नहीं हो सका है। शिमला शहर में जहां धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं, वहीं मनाली और ऊपरी शिमला के कुमारसैन, ठियोग, रोहडू और चौपाल से सड़क संपर्क बहाल नहीं हो पाया।
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नेशनल हाइवे-22 के बहाल न होने के कारण किन्नौर शिमला से कटा हुआ है। किन्नौर और ऊपरी शिमला में बिजली, पानी और कई क्षेत्रों में दूरसंचार सेवाएं बंद हैं। बैंकों के एटीएम भी नहीं चल रहे हैं।
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रामपुर में स्पीति के 30 तीर्थयात्री चार दिन से फंसे हैं। ये 17 जनवरी की शाम को आगरा, नेपाल, देहरादून आदि क्षेत्रों से आए थे। इन लोगों ने घर जाने के लिए सरकार से हेलीकॉप्टर की मांग की है, इसके लिए एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा है।
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विद्युत आपूर्ति ठप
रामपुर में किन्नौर जिले के चांगो, नाको समेत अन्य ऊपरी इलाकों के लोग फंसे हैं। मनाली में पांचवें दिन बसों की आवाजाही बंद रही। मणिकर्ण घाटी के 17 गांवों में विद्युत आपूर्ति ठप है। मलाणा गांव में हिमपात से 3 मकान ढह गए। भारी हिमपात के चलते सेब के करीब 50 फीसदी पौधे नष्ट हो गए हैं।
सिरमौर के राजगढ़ में कई इलाकों का संपर्क तीन दिन से कटा है। राजगढ़ नौहराधार मार्ग, राजगढ़ मानवा मार्ग, राजगढ़ बथाउधार मार्ग बंद पडे़ हैं। मंडी में एक दर्जन से अधिक सड़कें बर्फबारी के कारण बंद हैं। चौहारघाटी के अंतर्गत बरोट के 75 विद्युत सब स्टेशनों में से 18 स्टेशन अभी बंद पड़े हैं।
सड़कों पर दो से ढाई फुट तक बर्फ
प्रदेश में अभी तक 150 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। ऊपरी शिमला से लेकर लाहौल, किन्नौर सहित कई क्षेत्रों में बिजली और परिवहन सेवाएं पूरी तरह से ठप हैं। परिवहन निगम की 100 से ज्यादा बसें अभी तक दुर्गम क्षेत्रों में फंसी हैं। मंडी, कांगड़ा के दुर्गम क्षेत्रों में भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है। ऊपरी शिमला में तो लोगों को तीस से चालीस किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ रहा है। सड़कों पर दो से ढाई फुट तक बर्फ अभी तक जमी है।
स्थिति अभी सामान्य नहीं
पर्यटन स्थल कुफरी से आगे अभी तक सड़कें पूरी तरह से जाम है। लोक निर्माण विभाग ने मशीनरी और मजदूरों की तैनाती तो कर रखी है, लेकिन अभी तक सड़कें खोलने में सफलता नहीं मिल सकी है। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता प्रदीप चौहान ने कहा कि सभी सड़कें खोलने के लिए मशीनें तैनात कर दी है। बर्फबारी ज्यादा होने के कारण कुछ स्थानों पर स्थिति अभी सामान्य नहीं हो सकी है।