Himachal Pradesh: सीएम सुक्खू बोले- ई-व्हीकल में बदलेंगे तीन हजार वाहन, बस अड्डों पर लगेंगे चार्जिंग स्टेशन
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस साल सरकार ने पेट्रोल और डीजल से चलने वाले 3000 वाहनों को ई-व्हीकल में बदलने का लक्ष्य रखा है।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य बनाने की दिशा में मजबूती से काम कर रही है। इस साल सरकार ने पेट्रोल और डीजल से चलने वाले 3000 वाहनों को ई-व्हीकल में बदलने का लक्ष्य रखा है। सरकार ने ई-टैक्सी योजना के तहत अब तक 50 ई-टैक्सियां सरकारी विभागों में अटैच की हैं और 10 मई से पहले 50 और ई-टैक्सी स्वीकृत की जाएंगी। सरकार ने युवाओं के लिए 680 करोड़ रुपये की राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना शुरू की है। राज्य सरकार ई-टैक्सी खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को सोलन के कसौली विधानसभा क्षेत्र के तहत गांधी ग्राम में नेशनल ट्रक एंड बस मीट में बतौर मुख्यतिथि शिरकत की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटकों सहित प्रदेश के लोगों को क्लीन और ग्रीन ट्रांसपोर्ट प्रदान करने के लिए सरकार चरणबद्ध तरीके से डीजल बसों को ई-बसों में बदल रही है। एचआरटीसी ने 412 करोड़ रुपये की लागत से 297 इलेक्ट्रिक बसें खरीदने के लिए टेंडर जारी किए हैं। 124 करोड़ रुपये से बस अड्डों पर चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किए जा रहे हैं। इन ई-बसों की खरीद के अतिरिक्त वित्तीय वर्ष 2025-26 में 500 और ई-बसें खरीदी जाएंगी। प्रदेश में छह ग्रीन कॉरिडोर स्थापित किए गए हैं। इन कॉरिडोर में सरकार 41 अतिरिक्त चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने जा रही है। वर्तमान सरकार ने ई-कमर्शियल व्हीकल की पंजीकरण पर रोड टैक्स में शत-प्रतिशत और विशेष रोड टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की है। पर्यावरण को संरक्षित करने के उद्देश्य से प्रदेश में संचालित सभी पेट्रोल व डीजल से चलने वाले ऑटो रिक्शा को केवल ई-ऑटो रिक्शा से बदला जा रहा है।