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Chamba News: एक साल किया इंतजार, अंत में सेवाओं पर ही लगा ताला
Sat, 27 Jun 2026 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 27 Jun 2026 10:52 PM IST
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जिला आयुर्वेदिक अस्पताल बालू में मरीजों का पैसे से हो रहा इलाज
क्लर्क नहीं होने के कारण एक साल से बंद थी सेवा, दोबारा नहीं हुई बहाल
रोजाना 100 से अधिक रहती है ओपीडी, जिले के लोग आते हैं इलाज करवाने
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। एक साल से मरीज जिस योजना के पुन: शुरू होने का इंतजार कर रहे थे, सरकार ने उसे हमेशा के लिए ही बंद कर दिया। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल बालू में क्लर्क न होने के कारण आयुष्मान और हिमकेयर सेवा बंद थी। मरीज अस्पताल प्रबंधन से बार-बार यही मांग कर रहे थे कि इसे शुरू करवाया जाए। उन्हें हर बार आश्वासन दिया जा रहा था कि सरकार जल्द ही यहां क्लर्क की तैनाती करेगी। इसके उपरांत मरीजों को मुफ्त इलाज कराने की सुविधा प्राप्त होगी लेकिन सरकार ने क्लर्क की तैनाती करने के बजाय अस्पताल को उस सूची में शामिल कर दिया। इनमें हिमकेयर और आयुष्मान सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
तीमारदारों में चैन सिंह, योगराज, कमल कुमार, दिनेश, कमलेश, जोगिंद्र, अमर सिंह और नेक राज ने बताया कि चंबा पहले से आकांक्षी जिले में शामिल हैं। यहां सरकार को स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करनी चाहिए, लेकिन मरीजों से यहां सेवाएं छीनी जा रही है। आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से इलाज करवाने के लिए जिले भर से मरीज यहां आते हैं। रोजाना ओपीडी 100 के पार रहती है। गरीब मरीजों की संख्या सबसे अधिक रहती है। अब मरीजों को पैसे देकर अपना इलाज करवाना पड़ रहा है। सरकार को यहां हिमकेयर और आयुष्मान के अलावा अन्य सेवाएं देनी चाहिए थी लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया।
उधर, जिला आयुष अधिकारी डॉ. अनीता शर्मा ने बताया कि सरकार ने हिमकेयर व आयुष्मान कार्ड सेवाएं बंद करने की अधिसूचना जारी की है।
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क्लर्क नहीं होने के कारण एक साल से बंद थी सेवा, दोबारा नहीं हुई बहाल
रोजाना 100 से अधिक रहती है ओपीडी, जिले के लोग आते हैं इलाज करवाने
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। एक साल से मरीज जिस योजना के पुन: शुरू होने का इंतजार कर रहे थे, सरकार ने उसे हमेशा के लिए ही बंद कर दिया। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल बालू में क्लर्क न होने के कारण आयुष्मान और हिमकेयर सेवा बंद थी। मरीज अस्पताल प्रबंधन से बार-बार यही मांग कर रहे थे कि इसे शुरू करवाया जाए। उन्हें हर बार आश्वासन दिया जा रहा था कि सरकार जल्द ही यहां क्लर्क की तैनाती करेगी। इसके उपरांत मरीजों को मुफ्त इलाज कराने की सुविधा प्राप्त होगी लेकिन सरकार ने क्लर्क की तैनाती करने के बजाय अस्पताल को उस सूची में शामिल कर दिया। इनमें हिमकेयर और आयुष्मान सेवाएं बंद कर दी गई हैं।
तीमारदारों में चैन सिंह, योगराज, कमल कुमार, दिनेश, कमलेश, जोगिंद्र, अमर सिंह और नेक राज ने बताया कि चंबा पहले से आकांक्षी जिले में शामिल हैं। यहां सरकार को स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करनी चाहिए, लेकिन मरीजों से यहां सेवाएं छीनी जा रही है। आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से इलाज करवाने के लिए जिले भर से मरीज यहां आते हैं। रोजाना ओपीडी 100 के पार रहती है। गरीब मरीजों की संख्या सबसे अधिक रहती है। अब मरीजों को पैसे देकर अपना इलाज करवाना पड़ रहा है। सरकार को यहां हिमकेयर और आयुष्मान के अलावा अन्य सेवाएं देनी चाहिए थी लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई कार्य नहीं किया।
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उधर, जिला आयुष अधिकारी डॉ. अनीता शर्मा ने बताया कि सरकार ने हिमकेयर व आयुष्मान कार्ड सेवाएं बंद करने की अधिसूचना जारी की है।