चंबा। सोशल मीडिया में मसरूंड रेंज के माणी जंगल का एक वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग की टीम जांच के लिए उस स्थान पर पहुंची। यहां कोई भी देवदार का पेड़ कटा हुआ नहीं मिला। जब विभाग की टीम ने इस वीडियो की गहनता से जांच की तो पता चला कि वीडियो में जो पेड़ काटा गया है, वह निजी भूमि में काटा है। इस पेड़ को काटने के लिए संबंधित व्यक्ति ने वन विभाग से अनुमति भी ली थी। इसके बाद विभाग की टीम ने और गहनता में जांच शुरू की तो इस दौरान उन्हें एक व्यक्ति के घर पर 24 स्लीपर बरामद हुए। जब उन स्लीपरों को लेकर व्यक्ति से पूछताछ की गई तो उसने कहा कि उन्हें टीडी के तहत पेड़ से इमारती लकड़ी निकालने की अनुमति मिली थी। उसी अनुमति के आधार पर उन्होंने सूखे पेड़ को काटकर यह इमारती लकड़ी काटी है, जो अपने घर के निर्माण के लिए रखी है। वन मंडल अधिकारी कृतज्ञ कुमार स्वयं इस दौरान मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि टीडी की स्वीकृति को लेकर जांच की जा रही है। हालांकि, जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया था, वह वीडियो निजी भूमि से काटे गए पेड़ों का बनाया गया है। इसको लेकर विभाग के पास रिकॉर्ड भी उपलब्ध है।

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