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Chamba News: सलूणी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं
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मरीज जांच के लिए 80 किमी दूर चंबा जाने को मजबूर
अस्पताल में डॉक्टर हैं, लेकिन जांच सुविधा नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। जिले के सलूणी नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा का अभाव हजारों लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। क्षेत्र की नौ पंचायतों की करीब 15 हजार आबादी इसी अस्पताल पर निर्भर है। मरीजों को जरूरी स्वास्थ्य जांच के लिए 70 से 80 किलोमीटर दूर चंबा जाना पड़ रहा है। लंबा सफर, घंटों इंतजार और आर्थिक बोझ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टर मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह देते हैं, लेकिन सुविधा उपलब्ध न होने के कारण उन्हें चंबा रेफर कर दिया जाता है। दूरदराज गांवों से आने वाले मरीज सुबह से सफर शुरू करते हैं, लेकिन कई बार चंबा पहुंचने के बाद भी लंबी कतारों के कारण उसी दिन जांच नहीं हो पाती है। अगर अस्पताल में समय पर नंबर न आए तो मरीजों को अगले दिन फिर चंबा जाना पड़ता है। इससे गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। स्थानीय लोगों पवन कुमार, भीम राज, खेम राज, अनिल कुमार, धर्मेद्र सिंह, किशोरी लाल, कमल कुमार ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच करवाने के लिए सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द मशीन और स्टाफ की व्यवस्था करने की मांग की है। सीएमओ डॉ. जालम ने बताया कि सलूणी अस्पताल में अल्ट्रासांउड की व्यवस्था के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।
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अस्पताल में डॉक्टर हैं, लेकिन जांच सुविधा नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। जिले के सलूणी नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सुविधा का अभाव हजारों लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। क्षेत्र की नौ पंचायतों की करीब 15 हजार आबादी इसी अस्पताल पर निर्भर है। मरीजों को जरूरी स्वास्थ्य जांच के लिए 70 से 80 किलोमीटर दूर चंबा जाना पड़ रहा है। लंबा सफर, घंटों इंतजार और आर्थिक बोझ ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खासकर गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टर मरीजों को अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह देते हैं, लेकिन सुविधा उपलब्ध न होने के कारण उन्हें चंबा रेफर कर दिया जाता है। दूरदराज गांवों से आने वाले मरीज सुबह से सफर शुरू करते हैं, लेकिन कई बार चंबा पहुंचने के बाद भी लंबी कतारों के कारण उसी दिन जांच नहीं हो पाती है। अगर अस्पताल में समय पर नंबर न आए तो मरीजों को अगले दिन फिर चंबा जाना पड़ता है। इससे गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। स्थानीय लोगों पवन कुमार, भीम राज, खेम राज, अनिल कुमार, धर्मेद्र सिंह, किशोरी लाल, कमल कुमार ने बताया कि गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच करवाने के लिए सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से जल्द मशीन और स्टाफ की व्यवस्था करने की मांग की है। सीएमओ डॉ. जालम ने बताया कि सलूणी अस्पताल में अल्ट्रासांउड की व्यवस्था के लिए उचित कदम उठाए जाएंगे।