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Chamba News: सूही माता मंदिर के साथ टावर मंजूर नहीं
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चंबा। सूही माता मंदिर के साथ बने भवन की छत पर टावर लगाए जाने का चंबावासियों ने विरोध जताना शुरू कर दिया है। टावर लगाए जाने की सूचना मिलते ही रविवार को शहर के प्रबुद्ध नागरिक सूही माता मंदिर पहुंच गए जहां उन्होंने संयुक्त रूप से बैठक की और ऐतिहासिक मंदिर के साथ टावर को स्थापित करने के फैसले का विरोध किया। बैठक के दौरान मंगलेश शर्मा और मनजीत जसरोटिया ने बताया कि सूही माता मंदिर चंबावासियों के लिए काफी मायने रखता है। यह उस रानी सुनैयना देवी का मंदिर है जिसने चंबावासियों की प्यास बुझाने के लिए जीते जी समाधि ले ली थी। ऐसे में इस मंदिर के साथ सभी चंबावासियों की आस्था जुड़ी हुई है।
कहा कि प्रशासन या नगर परिषद ने टावर को लगाने की यदि अनुमति प्रदान की है तो इस फैसले का चंबा जनपद विरोध करता है। उन्होंने कहा कि किस मंशा के तहत निजी टावर को लगाने के लिए सूही माता मंदिर परिसर के साथ लगाने की अनुमति दी गई है। उससे चंबावासियों को कोई भी लेना-देना नहीं है। आज सूही माता मंदिर के पास टावर को लगाया गया है। कल को अन्य मंदिरों के साथ भी ऐसे निजी टावर खड़े किए जा सकते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि टावर का निर्माण सूही मंदिर के साथ न किया जाए। यदि इस टावर का निर्माण कार्य बंद नहीं किया गया तो चंबा के लोग मजबूरन टावर को उखाड़ने के लिए बाध्य हो जाएंगे। टावर को स्थापित न करने के लिए नप को लिखित में भी अवगत करवाया जा चुका है। ब्राह्मण सभा के प्रधान अजितेष शर्मा ने कहा कि यह भवन और परिसर चंबा के लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां हर वर्ष सूही मेले में भंडारा लगता है। नगर परिषद उपाध्यक्ष सीमा ने बताया कि टावर का काम बंद करने को कह दिया गया है।
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कहा कि प्रशासन या नगर परिषद ने टावर को लगाने की यदि अनुमति प्रदान की है तो इस फैसले का चंबा जनपद विरोध करता है। उन्होंने कहा कि किस मंशा के तहत निजी टावर को लगाने के लिए सूही माता मंदिर परिसर के साथ लगाने की अनुमति दी गई है। उससे चंबावासियों को कोई भी लेना-देना नहीं है। आज सूही माता मंदिर के पास टावर को लगाया गया है। कल को अन्य मंदिरों के साथ भी ऐसे निजी टावर खड़े किए जा सकते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और नगर परिषद से मांग की है कि टावर का निर्माण सूही मंदिर के साथ न किया जाए। यदि इस टावर का निर्माण कार्य बंद नहीं किया गया तो चंबा के लोग मजबूरन टावर को उखाड़ने के लिए बाध्य हो जाएंगे। टावर को स्थापित न करने के लिए नप को लिखित में भी अवगत करवाया जा चुका है। ब्राह्मण सभा के प्रधान अजितेष शर्मा ने कहा कि यह भवन और परिसर चंबा के लोगों की आस्था का केंद्र है। यहां हर वर्ष सूही मेले में भंडारा लगता है। नगर परिषद उपाध्यक्ष सीमा ने बताया कि टावर का काम बंद करने को कह दिया गया है।
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