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नासिक के टमाटर ने उड़ाई लोकल टमाटर की रंगत

Wed, 04 Aug 2021 10:27 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 04 Aug 2021 10:27 PM IST
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Tomatoes of Nashik blew the color of local tomatoes
झूलाड़ा पंचायत में टमाटरों को गाड़ी में लोड करते कामगार। - फोटो : Chamba
चंबा। पठानकोट और अमृतसर की मंडियों में नासिक के टमाटर की एंट्री से जिले का टमाटर की रंगत फीकी पड़ गई है। आलम यह है कि 500 रुपये प्रति क्रेट बिकने वाला टमाटर अब 350 रुपये प्रति क्रेट पहुंच गया है। इससे सीधे तौर पर किसानों को घाटा उठाना पड़ रहा है। किसानों के मुताबिक आने वाले दिनों में नासिक से टमाटरों की सप्लाई बढ़ने पर दामों में और भी गिरावट हो सकती है। टमाटर के दाम गिरने से मोटी कमाई की सोच रखने वाले किसानों को तगड़ा झटका लगा है।
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गौरतलब है कि जिले के डुलाड़ा, कुठेड़, दुलाहर, सलूणी और माणी क्षेत्रों से बाहरी मंडियों अमृतसर और पठानकोट के लिए छह जुलाई से चार अगस्त तक 1662 क्विंटल टमाटर निर्यात किया गया है। डुलाड़ा, कुठेड़, दुलाहर, सलूणी और माणी से बाहरी मंडियों में प्रतिदिन डेढ़ से दो हजार क्रेट टमाटर भेजे जा रहे हैं। अमृतसर और पठानकोट की मंडियों में पहुंचने वाला टमाटर शुरू में प्रति क्रेट 400 रुपये तक बिका। उसके बाद पांच सौ रुपये प्रति केट बिकना शुरू हुआ। अब नासिक से टमाटरों की सप्लाई पहुंचने पर एक बार फिर टमाटर के दामों में गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान समय में बाहरी मंडियों में 350 रुपये प्रति क्रेट टमाटर बिक रहा है।
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किसान डिनू राम, दुनी चंद, ज्ञान चंद, ढिल्लो राम, चमारू राम, बलदेव राज, कैलाश और पुरुषोत्तम ने बताया कि अमृतसर और पठानकोट में वर्ष 2019 में टमाटर 1200 प्रति क्रेट बिका था। वर्ष 2020 में भी टमाटर प्रतिक्रेट 600 रुपये तक बिका। बहरहाल, अब नासिक के टमाटर की एंट्री के बाद टमाटर 350 रुपये प्रति क्रेट बिक रहा है।
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कृषि विभाग के उपनिदेशक कुलदीप धीमान ने कहा कि किसान जिले के अलावा बाहरी मंडियों में सब्जियों सहित टमाटर की सप्लाई भेज रहे हैं। इससे किसानों को मुनाफा भी हो रहा है। कहा कि यदि किसान आपस में मिलकर उत्पादक संघ बनाते हैं तो विभाग उन्हें बजट मुहैया करवाएगा। उसका उपयोग वह पैकिंग और सामान बाहर भेजने के लिए कर सकते हैं। बशर्ते, किसान उत्पादक संघ में सौ किसान शामिल होने चाहिए।
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