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चरस तस्कर को तीन साल कैद और जुर्माना
ब्यूरो, अमर उजाला, चंबा।
Updated Mon, 20 Mar 2017 09:32 PM IST
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विशेष सत्र न्यायाधीश पारस डोगर की अदालत ने चरस तस्करी का दोष साबित होने पर लाल चंद निवासी चुराह को तीन साल कैद और 20 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
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जुर्माना अदा न कर पाने की सूरत में दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामले की पैरवी पब्लिक प्रोसिक्यूटर कंवर उदय सिंह ने की है। मामले के अनुसार 13 जून 2015 को पुलिस चौकी नकरोड़ के एएसआई विक्रम सिंह ने अपनी टीम के साथ पंगोला जीरो प्वाइंट पर नाकेबंदी कर रखी थी।
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इसी दौरान सामने से लाल चंद निवासी लिलेरा, तहसील चुराह आते दिखा। जैसे ही लाल चंद की नजर पुलिस पर पड़ी तो लाल चंद ने घबराकर मौके से भागने का प्रयास किया।
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पुलिस ने मुश्तैदी दिखाते हुए फौरन लाल चंद को दबोच लिया। जब लाल चंद की तलाशी ली गई तो पुलिस को उसके पास से लगभग पांच सौ ग्राम चरस बरामद हुई। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए चरस को कब्जे में लेकर लाल चंद को गिरफ्तार कर लिया।
लगभग पौने दो साल तक अदालत में चली सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से लाल चंद के खिलाफ दस लोगों ने गवाही दी। इसके आधार पर कार्रवाई करते हुए अदालत ने लाल चंद को चरस तस्करी का दोषी पाकर तीन वर्ष की कैद और बीस हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
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