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Chamba News: चौहड़ा से भलेई संवेदनशील मार्ग पर अधिकांश जगह नहीं पैरापिट
Sat, 30 May 2026 10:56 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 30 May 2026 10:56 PM IST
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साइट स्टोरी
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संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। चौहड़ा से भलेई मार्ग एक बेहद संवेदनशील मार्ग है। मार्ग पर अधिकांश जगहों पर पैरापिट का नामोनिशान नहीं है। इस कारण हर बार हादसे होने के बाद ही लीपापोती के लिए आश्वासन देकर ही पल्लू झाड़ लिया जाता है।
शनिवार को एक ताजा उदाहरण देखने को मिला। मार्ग पर पिकअप वाहन जलाशय में गिरने की सूचना है। जिस स्थान से मालवाहक वाहन जलाश्मेय गिराए वहां पैरापिट तक नहीं हैं। ऐसे में यहां सवाल उठना लाजिमी है कि काश पैरापिट होते तो हादसा होने से रोका जा सकता था। साथ ही पीड़ित परिवार के जिगर का टुकड़ा उनके साथ होता।
चौहड़ा से भलेई मार्ग से होकर रोजाना सलूणी, किहार, लंगेरा, तीसा समेत आस-पास के इलाकों से दर्जनों के हिसाब से माल वाहक और अन्य वाहन चालक गुजरते हैं। हैरानी की बात है कि उक्त स्थान पर अधिकांश जगह पर पैरापिट नहीं हैं। मार्ग पर बीते वर्षों में कई छोटे-बड़े हादसे हुए हैं। साल मई 2016 में धाई नाला के पास एक भीषण बस हादसा हुआ था। इसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी और 28 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद लचोड़ी कार हादसा जनवरी 2022 भलेई मंदिर मार्ग पर लचोड़ी के पास एक ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें 3 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद भी कई छोटे-वाहन हादसे का शिकार हो चुके हैं। बावजूद इसके इसकी सुध न लेना चिंता का विषय है। उधर, एसडीएम डलहौजी अनिल भारद्वाज ने बताया कि मार्ग पर पैरापिट लगाने को लेकर एनएचपीसी प्रबंधन को सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। चौहड़ा से भलेई मार्ग एक बेहद संवेदनशील मार्ग है। मार्ग पर अधिकांश जगहों पर पैरापिट का नामोनिशान नहीं है। इस कारण हर बार हादसे होने के बाद ही लीपापोती के लिए आश्वासन देकर ही पल्लू झाड़ लिया जाता है।
शनिवार को एक ताजा उदाहरण देखने को मिला। मार्ग पर पिकअप वाहन जलाशय में गिरने की सूचना है। जिस स्थान से मालवाहक वाहन जलाश्मेय गिराए वहां पैरापिट तक नहीं हैं। ऐसे में यहां सवाल उठना लाजिमी है कि काश पैरापिट होते तो हादसा होने से रोका जा सकता था। साथ ही पीड़ित परिवार के जिगर का टुकड़ा उनके साथ होता।
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चौहड़ा से भलेई मार्ग से होकर रोजाना सलूणी, किहार, लंगेरा, तीसा समेत आस-पास के इलाकों से दर्जनों के हिसाब से माल वाहक और अन्य वाहन चालक गुजरते हैं। हैरानी की बात है कि उक्त स्थान पर अधिकांश जगह पर पैरापिट नहीं हैं। मार्ग पर बीते वर्षों में कई छोटे-बड़े हादसे हुए हैं। साल मई 2016 में धाई नाला के पास एक भीषण बस हादसा हुआ था। इसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी और 28 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद लचोड़ी कार हादसा जनवरी 2022 भलेई मंदिर मार्ग पर लचोड़ी के पास एक ऑल्टो कार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इसमें 3 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद भी कई छोटे-वाहन हादसे का शिकार हो चुके हैं। बावजूद इसके इसकी सुध न लेना चिंता का विषय है। उधर, एसडीएम डलहौजी अनिल भारद्वाज ने बताया कि मार्ग पर पैरापिट लगाने को लेकर एनएचपीसी प्रबंधन को सख्त निर्देश जारी किए जाएंगे।
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