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Chamba News: क्रैश बैरियर होते तो शायद बच जाती युवकों की जान
Wed, 17 Jun 2026 10:33 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 17 Jun 2026 10:33 PM IST
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लोग बोले- दुर्घटना संभावित स्थान पर क्रैश बैरियर न लगाना लापरवाही
क्षेत्र के लोग प्रशासन से इस मामले में उचित कार्रवाई की कर रहे मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए पर डैम व्यू पॉइंट (छतरी मोड़) के पास यदि क्रैश बैरियर होते तो दोनों युवाओं की जान नहीं जाती।
मंगलवार रात को कार सड़क से अनियंत्रित होकर 800 फीट गहरी खाई में जा गिरी। क्रैश बैरियर होते तो गाड़ी खाई में गिरने से बच सकती थी। स्थानीय लोग इस हादसे के लिए एनएच प्राधिकरण की लापरवाही मान रहे हैं। दुर्घटना संभावित स्थान पर क्रैश बैरियर न लगाना कहीं न कहीं अधिकारियों के सुस्त रवैये को दर्शाता है।
क्षेत्रवासी अशोक कुमार, प्रहलाद, टेक चंद, सोनू और प्यार सिंह ने बताया कि एनएच-154 ए पर कई तीखे मोड़ और गहरी खाईयां होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध नहीं हैं। विशेषकर छतरी मोड़ जैसे संवेदनशील स्थानों पर क्रैश बैरियर न होने से हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। सड़क चौड़ीकरण और रखरखाव के साथ-साथ सुरक्षा सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां क्रैश बैरियर, चेतावनी संकेतक और रिफ्लेक्टर लगाए जाने आवश्यक हैं।
उधर, उपमंडल अधिकारी (नागरिक) डलहौज़ी अनिल भारद्वाज ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में आया है। संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे ताकि सड़क सुरक्षा से जुड़े आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जा सके।
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क्षेत्र के लोग प्रशासन से इस मामले में उचित कार्रवाई की कर रहे मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बनीखेत (चंबा)। पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग-154ए पर डैम व्यू पॉइंट (छतरी मोड़) के पास यदि क्रैश बैरियर होते तो दोनों युवाओं की जान नहीं जाती।
मंगलवार रात को कार सड़क से अनियंत्रित होकर 800 फीट गहरी खाई में जा गिरी। क्रैश बैरियर होते तो गाड़ी खाई में गिरने से बच सकती थी। स्थानीय लोग इस हादसे के लिए एनएच प्राधिकरण की लापरवाही मान रहे हैं। दुर्घटना संभावित स्थान पर क्रैश बैरियर न लगाना कहीं न कहीं अधिकारियों के सुस्त रवैये को दर्शाता है।
क्षेत्रवासी अशोक कुमार, प्रहलाद, टेक चंद, सोनू और प्यार सिंह ने बताया कि एनएच-154 ए पर कई तीखे मोड़ और गहरी खाईयां होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध नहीं हैं। विशेषकर छतरी मोड़ जैसे संवेदनशील स्थानों पर क्रैश बैरियर न होने से हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। सड़क चौड़ीकरण और रखरखाव के साथ-साथ सुरक्षा सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां क्रैश बैरियर, चेतावनी संकेतक और रिफ्लेक्टर लगाए जाने आवश्यक हैं।
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उधर, उपमंडल अधिकारी (नागरिक) डलहौज़ी अनिल भारद्वाज ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में आया है। संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे ताकि सड़क सुरक्षा से जुड़े आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए जा सके।
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