{"_id":"69ab064040e8fb58730c4053","slug":"the-crisis-deepens-in-bhedoi-village-people-are-wandering-for-water-chamba-news-c-88-1-ssml1004-176576-2026-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: भेड़ोई गांव में गहराया संकट, पानी के लिए भटक रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: भेड़ोई गांव में गहराया संकट, पानी के लिए भटक रहे लोग
Fri, 06 Mar 2026 10:22 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 06 Mar 2026 10:22 PM IST
विज्ञापन
आरोप- कुछ लोगों ने रुकवाया घायिका-चंबर पेयजल योजना के पाइप बिछाने का काम
जलस्रोत पर कुछ लोगों का एकाधिकार होने का आराेप, पानी उपलब्ध करवाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
तेलका (चंबा)। बाड़का पंचायत के तहत भेड़ोई गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। पिछले कई दिनों से गांव के कई परिवारों को पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष कुछ ग्रामीणों ने अपनी निजी राशि से पाइप लाइन बिछाकर पानी की व्यवस्था की थी। उस समय सरकार पर गांव की अनदेखी करने के आरोप भी लगाए थे। आरोप लगाया कि अब जब जलशक्ति विभाग ने घायिका-चंबर पेयजल योजना के तहत गांव में पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया तो सार्वजनिक जल स्रोत पर एकाधिकार जमाए बैठे कुछ लोगों ने काम को रुकवा दिया।
ग्रामीणों में हेमराज, राजीव कुमार, कन्हैया राम और प्रमोद कुमार ने कहा कि उक्त लोगों ने स्रोत के पास प्लास्टिक के डिब्बे और निजी पाइप लाइनें लगा रखी हैं। इससे अन्य ग्रामीणों को पानी लेने में दिक्कत हो रही है। स्थानीय ग्रामीण दरसो कुमार, देशराज, आशा कुमारी, निधिया राम, संजीव कुमार, मुकेश कुमार और दिनेश कुमार ने प्रशासन और विभाग से मांग की है कि सार्वजनिक जल स्रोत पर किसी भी व्यक्ति का एकाधिकार समाप्त कर गांव के सभी लोगों को समान रूप से पानी उपलब्ध करवाया जाए और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
उधर, जलशक्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गांव की पानी की समस्या को देखते हुए योजना के तहत काम शुरू किया गया था लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण काम को फिलहाल बंद रखना पड़ा है। विभाग का कहना है कि यही लोग कई बार पानी की कमी को लेकर शिकायत करते हैं कि सरकार उनकी ओर ध्यान नहीं देती लेकिन जब विभाग समाधान के लिए काम शुरू करता है तो उसे बीच में ही रुकवा दिया जाता है।
सहायक अभियंता जल शक्ति विभाग भलेई मनोहर शर्मा ने कहा कि विभाग ने योजना के तहत कार्य शुरू किया था लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण फिलहाल काम रोकना पड़ा है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य गांव के सभी लोगों को समान रूप से पानी उपलब्ध करवाना है और यदि आपसी सहमति बनती है तो कार्य को दोबारा शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
जलस्रोत पर कुछ लोगों का एकाधिकार होने का आराेप, पानी उपलब्ध करवाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
तेलका (चंबा)। बाड़का पंचायत के तहत भेड़ोई गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। पिछले कई दिनों से गांव के कई परिवारों को पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष कुछ ग्रामीणों ने अपनी निजी राशि से पाइप लाइन बिछाकर पानी की व्यवस्था की थी। उस समय सरकार पर गांव की अनदेखी करने के आरोप भी लगाए थे। आरोप लगाया कि अब जब जलशक्ति विभाग ने घायिका-चंबर पेयजल योजना के तहत गांव में पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू किया तो सार्वजनिक जल स्रोत पर एकाधिकार जमाए बैठे कुछ लोगों ने काम को रुकवा दिया।
विज्ञापन
ग्रामीणों में हेमराज, राजीव कुमार, कन्हैया राम और प्रमोद कुमार ने कहा कि उक्त लोगों ने स्रोत के पास प्लास्टिक के डिब्बे और निजी पाइप लाइनें लगा रखी हैं। इससे अन्य ग्रामीणों को पानी लेने में दिक्कत हो रही है। स्थानीय ग्रामीण दरसो कुमार, देशराज, आशा कुमारी, निधिया राम, संजीव कुमार, मुकेश कुमार और दिनेश कुमार ने प्रशासन और विभाग से मांग की है कि सार्वजनिक जल स्रोत पर किसी भी व्यक्ति का एकाधिकार समाप्त कर गांव के सभी लोगों को समान रूप से पानी उपलब्ध करवाया जाए और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
उधर, जलशक्ति विभाग के अधिकारियों के मुताबिक गांव की पानी की समस्या को देखते हुए योजना के तहत काम शुरू किया गया था लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण काम को फिलहाल बंद रखना पड़ा है। विभाग का कहना है कि यही लोग कई बार पानी की कमी को लेकर शिकायत करते हैं कि सरकार उनकी ओर ध्यान नहीं देती लेकिन जब विभाग समाधान के लिए काम शुरू करता है तो उसे बीच में ही रुकवा दिया जाता है।
सहायक अभियंता जल शक्ति विभाग भलेई मनोहर शर्मा ने कहा कि विभाग ने योजना के तहत कार्य शुरू किया था लेकिन कुछ लोगों के विरोध के कारण फिलहाल काम रोकना पड़ा है। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य गांव के सभी लोगों को समान रूप से पानी उपलब्ध करवाना है और यदि आपसी सहमति बनती है तो कार्य को दोबारा शुरू किया जाएगा।