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Chamba News: स्क्रब टायफस के दो मरीज टांडा रेफर
Wed, 23 Aug 2023 11:13 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 23 Aug 2023 11:13 PM IST
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से स्क्रब टायफस के दो मरीजों को रेफर किया गया है जबकि, आठ मरीज उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन वार्ड में भर्ती हैं। यहां पर उनके इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। बरसात में ग्रामीण क्षेत्रों में घास कटाई शुरू होने की वजह से स्क्रब टायफस के मामले बढ़ना शुरू हो गए हैं। इसमें मरीज को मामूली लक्षण से लेकर गंभीर लक्षण भी देखने को मिल रहे हैं। इसमें विशेषज्ञ जहां मरीजों को इलाज करने के लिए अस्पताल में भर्ती कर रहे हैं तो वहीं लोगों को जरूरी सावधानी बरतने की सलाह भी दे रहे हैं।
ज्यादातर स्क्रब टायफस घास में पलने वाले एक पिस्सू (जीव) के काटने के कारण होता है। इसमें पिस्सू के काटने से लारवा मनुष्य के शरीर में पहुंच जाता है। इससे शरीर में अकड़न, मांस पेशियों में दर्द, सिर दर्द, बुखार और पेट दर्द के लक्षण भी सामने आ सकते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ लोगों को सचेत कर रहे हैं कि यदि उन्हें अचानक ऐसे लक्षण खुद में नजर आएं तो बिना समय गंवाए उपचार के लिए अस्पताल में विशेषज्ञ से परामर्श लें। मेडिकल कॉलेज में स्क्रब टायफस के मरीजों के इलाज को लेकर मेडिसिन वार्ड में खास प्रबंध किए गए हैं जहां पर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। अब तक मेडिकल कॉलेज में दस मरीज भर्ती हो चुके हैं, जिनमें से दो मरीजों की हालत ज्यादा बिगड़ गई थी। इसके चलते उन्हें उपचार के लिए चंबा से टांडा रेफर किया गया।
ये बरतें एहतियात
घास काटते समय शरीर को कपड़ों से ढक कर रखें। इसके अलावा हाथों में दस्ताने पहनकर ही घास काटें। पैरों में जूते ऐसे पहनें जिससे पूरे पैर ढके रहें। घास काटकर घर पहुंचने पर सबसे पहले अपने कपड़ों की अच्छी से सफाई करें, उसके बाद नहाएं। ऐसा करके स्क्रब टायफस का शिकार होने से बचा जा सकता है।
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मेडिसिन विशेषज्ञ डॉक्टर संजय कश्यप ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में स्क्रब टायफस के दस मरीज दर्ज हो चुके हैं। लोगों को घास काटते समय जरूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। साथ में स्क्रब टायफस के लक्षण नजर आने पर तुरंत अस्पताल में जाकर डॉक्टर की सलाह लें।
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ज्यादातर स्क्रब टायफस घास में पलने वाले एक पिस्सू (जीव) के काटने के कारण होता है। इसमें पिस्सू के काटने से लारवा मनुष्य के शरीर में पहुंच जाता है। इससे शरीर में अकड़न, मांस पेशियों में दर्द, सिर दर्द, बुखार और पेट दर्द के लक्षण भी सामने आ सकते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ लोगों को सचेत कर रहे हैं कि यदि उन्हें अचानक ऐसे लक्षण खुद में नजर आएं तो बिना समय गंवाए उपचार के लिए अस्पताल में विशेषज्ञ से परामर्श लें। मेडिकल कॉलेज में स्क्रब टायफस के मरीजों के इलाज को लेकर मेडिसिन वार्ड में खास प्रबंध किए गए हैं जहां पर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। अब तक मेडिकल कॉलेज में दस मरीज भर्ती हो चुके हैं, जिनमें से दो मरीजों की हालत ज्यादा बिगड़ गई थी। इसके चलते उन्हें उपचार के लिए चंबा से टांडा रेफर किया गया।
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ये बरतें एहतियात
घास काटते समय शरीर को कपड़ों से ढक कर रखें। इसके अलावा हाथों में दस्ताने पहनकर ही घास काटें। पैरों में जूते ऐसे पहनें जिससे पूरे पैर ढके रहें। घास काटकर घर पहुंचने पर सबसे पहले अपने कपड़ों की अच्छी से सफाई करें, उसके बाद नहाएं। ऐसा करके स्क्रब टायफस का शिकार होने से बचा जा सकता है।
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मेडिसिन विशेषज्ञ डॉक्टर संजय कश्यप ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में स्क्रब टायफस के दस मरीज दर्ज हो चुके हैं। लोगों को घास काटते समय जरूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। साथ में स्क्रब टायफस के लक्षण नजर आने पर तुरंत अस्पताल में जाकर डॉक्टर की सलाह लें।