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Chamba News: मेडिकल कॉलेज में भर्ती 70 मरीजों में मिले टीबी के लक्षण
Fri, 17 May 2024 10:42 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 17 May 2024 10:42 PM IST
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा के विभिन्न वार्डों में स्क्रीनिंग करने पर 70 मरीजों में टीबी के लक्षण मिले हैं। पिछले चार महीनों में स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न वार्डों में भर्ती होने वाले 2049 मरीजों की टीबी जांच की। इनमें 70 मरीजों में टीबी के लक्षण पाए गए। इन्हें सामान्य मरीजों से अलग कर दिया है, जिससे अन्य मरीज टीबी रोग से संक्रमित न हों।
जिले में टीबी रोगियों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष योजना तैयार की है। चंबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाले हर उस मरीज की टीबी के संबंध में स्क्रीनिंग की जा रही है, जो 24 घंटे से ज्यादा समय तक मेडिकल कॉलेज में भर्ती हो रहा है। इन मरीजों के पास जाकर स्टाफ नर्सें या चिकित्सक खांसी, बलगम में खून सहित अन्य टीबी से संबंधित लक्षणों को लेकर
पूछताछ करते हैं। इस दौरान यदि किसी मरीज में टीबी संभावित लक्षण पाए जाते हैं तो उसके बलगम का सैंपल लेकर टीबी की जांच की जाती है। यह प्रक्रिया चंबा में चार महीने पहले शुरू की गई थी।
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इसके चलते 2000 से अधिक मरीजों के सैंपल लेकर टीबी की जांच की गई। इनमें 70 मरीज टीबी से संक्रमित निकले। इन मरीजों को स्वयं पता नहीं था कि वे टीबी रोग से पीड़ित हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने इन मरीजों के इलाज के लिए उन्हें दवाइयां आवंटित कर दी हैं। समय-समय पर आशा वर्कर उनके घरों में जाकर दवाइयों के संबंध में पूछताछ भी कर रही हैं। उधर, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर हरित पुरी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में 70 मरीज टीबी से संक्रमित निकले हैं। इन मरीजों में टीबी संभावित लक्षण मिले थे। इसके आधार पर उनकी टीबी जांच की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विशाल महाजन ने बताया कि जिला को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग जमीनी स्तर पर कार्य कर रहा है। उधर, मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाले हर मरीज की टीबी को 24 घंटे में एक बार स्क्रीनिंग की जाती है, जिससे टीबी से ग्रस्त मरीज की पहचान की जा सके। संवाद
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जिले में टीबी रोगियों का पता लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष योजना तैयार की है। चंबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाले हर उस मरीज की टीबी के संबंध में स्क्रीनिंग की जा रही है, जो 24 घंटे से ज्यादा समय तक मेडिकल कॉलेज में भर्ती हो रहा है। इन मरीजों के पास जाकर स्टाफ नर्सें या चिकित्सक खांसी, बलगम में खून सहित अन्य टीबी से संबंधित लक्षणों को लेकर
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पूछताछ करते हैं। इस दौरान यदि किसी मरीज में टीबी संभावित लक्षण पाए जाते हैं तो उसके बलगम का सैंपल लेकर टीबी की जांच की जाती है। यह प्रक्रिया चंबा में चार महीने पहले शुरू की गई थी।
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इसके चलते 2000 से अधिक मरीजों के सैंपल लेकर टीबी की जांच की गई। इनमें 70 मरीज टीबी से संक्रमित निकले। इन मरीजों को स्वयं पता नहीं था कि वे टीबी रोग से पीड़ित हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने इन मरीजों के इलाज के लिए उन्हें दवाइयां आवंटित कर दी हैं। समय-समय पर आशा वर्कर उनके घरों में जाकर दवाइयों के संबंध में पूछताछ भी कर रही हैं। उधर, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर हरित पुरी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में 70 मरीज टीबी से संक्रमित निकले हैं। इन मरीजों में टीबी संभावित लक्षण मिले थे। इसके आधार पर उनकी टीबी जांच की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विशाल महाजन ने बताया कि जिला को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग जमीनी स्तर पर कार्य कर रहा है। उधर, मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाले हर मरीज की टीबी को 24 घंटे में एक बार स्क्रीनिंग की जाती है, जिससे टीबी से ग्रस्त मरीज की पहचान की जा सके। संवाद