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मणिमहेश डलझील में एक फीट हिमपात, साच पास बंद होने से कटा पांगी
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खज्जियार में सीजन की पहली बर्फबारी के बाद का नजारा।
- फोटो : Chamba
चंबा। जिले में ढाई महीने के लंबे सूखे के बाद आखिरकार जमकर बारिश और बर्फबारी हुई है। जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी और मध्यम और कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश होने से किसान और बागवान गदगद हैं।
वहीं पर्यटन नगरी खज्जियार और डलहौजी के डैनकुंड, लक्कड़मंडी में बर्फबारी से पर्यटन कारोबार भी पंख लगेंगे। साचपास में बर्फबारी के कारण जनजातीय क्षेत्र पांगी का संपर्क शेष विश्व से कट गया है। वहीं बर्फबारी के कारण लक्कड़मंडी खज्जियार मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है।
जानकारी के अनुसार रविवार को भरमौर के कुगति, चौबिया के ऊंगी, चिहान, हड़सर के मौण, वलमुई, पूलन के सुप्पा, चुजणी, संचूई के मलकौता गरीमा के चलेड़, खणी के वालो, तुंदाह के गवाड आदि गांवों मे तीन से चार इंच ताजा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। मणिमहेश डल झील में एक फीट ताजा बर्फबारी हुई है।
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वहीं, पर्यटन नगरी डलहौजी के डैणकुंड और पोहलाणी माता मंदिर में भी दस इंच तक बर्फबारी दर्ज की गई है। खज्जियार में तीन इंच, लक्कड़मंडी में छह इंच तक बर्फ होने से सफेद चादर बिछ गई है। नवंबर माह के तीसरे सप्ताह में बर्फबारी होने से बागवान और किसान भी गदगद हैं।
किसानों का कहना है कि पिछले करीब ढाई माह से बारिश होने के कारण गेहूं की बिजाई के अलावा सेब, नाशपाती के बगीचों में भी जरूरी काम नहीं कर पा रहे थे। अब बारिश और बर्फबारी होने से वह अपने काम शुरू कर पाएंगे। कुल मिलाकर लंबे अंतराल के बाद बारिश और बर्फबारी लोगों के लिए राहत लेकर आई है।
बर्फबारी और बरिश के बाद बिजली हुई गुल
जिले के कई इलाकों में पहली बर्फबारी और बारिश ने लोगों की दिक्कतें बढ़ाकर रख दी है। इस वजह से भरमौर, खज्जियार और पुखरी क्षेत्र में बिजली कटों का सामना करना पड़ा।
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वहीं पर्यटन नगरी खज्जियार और डलहौजी के डैनकुंड, लक्कड़मंडी में बर्फबारी से पर्यटन कारोबार भी पंख लगेंगे। साचपास में बर्फबारी के कारण जनजातीय क्षेत्र पांगी का संपर्क शेष विश्व से कट गया है। वहीं बर्फबारी के कारण लक्कड़मंडी खज्जियार मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है।
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जानकारी के अनुसार रविवार को भरमौर के कुगति, चौबिया के ऊंगी, चिहान, हड़सर के मौण, वलमुई, पूलन के सुप्पा, चुजणी, संचूई के मलकौता गरीमा के चलेड़, खणी के वालो, तुंदाह के गवाड आदि गांवों मे तीन से चार इंच ताजा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है। मणिमहेश डल झील में एक फीट ताजा बर्फबारी हुई है।
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वहीं, पर्यटन नगरी डलहौजी के डैणकुंड और पोहलाणी माता मंदिर में भी दस इंच तक बर्फबारी दर्ज की गई है। खज्जियार में तीन इंच, लक्कड़मंडी में छह इंच तक बर्फ होने से सफेद चादर बिछ गई है। नवंबर माह के तीसरे सप्ताह में बर्फबारी होने से बागवान और किसान भी गदगद हैं।
किसानों का कहना है कि पिछले करीब ढाई माह से बारिश होने के कारण गेहूं की बिजाई के अलावा सेब, नाशपाती के बगीचों में भी जरूरी काम नहीं कर पा रहे थे। अब बारिश और बर्फबारी होने से वह अपने काम शुरू कर पाएंगे। कुल मिलाकर लंबे अंतराल के बाद बारिश और बर्फबारी लोगों के लिए राहत लेकर आई है।
बर्फबारी और बरिश के बाद बिजली हुई गुल
जिले के कई इलाकों में पहली बर्फबारी और बारिश ने लोगों की दिक्कतें बढ़ाकर रख दी है। इस वजह से भरमौर, खज्जियार और पुखरी क्षेत्र में बिजली कटों का सामना करना पड़ा।