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मार्च में फिर बर्फबारी, जिला ठंड की चपेट में
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ताजा बर्फबारी के बाद खज्जियार का नजारा।
- फोटो : Chamba
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चंबा। जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में एक बार फिर बर्फबारी हो गई। इसके चलते समूचा जिला चंबा प्रचंड ठंड की चपेट में आ गया। निचले क्षेत्रों में बारिश से जहां लोगों को दिक्कतें हुई तो वहीं, दूसरी तरफ परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के लिए परीक्षार्थियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
डलहौजी के लक्कमंडी, आहला में छह इंच, डैनकुंड में फीट, खज्जियार में दो से तीन इंच तक ताजा बर्फबारी हुई। इसके अलावा पौहलाणी, जोत में दो से छह इंच तक बर्फबारी हुई। उपमंडल भरमौर की ऊपरी चोटियों मणिमहेश, काली छौ, रूहणूकोठी, कुगति, चौबिया, ढ़कोग में दो इंच से लेकर दो फीट तक बर्फ गिरी। दोपहर बाद तहसील मुख्यालय भरमौर में भी बर्फबारी का क्रम शुरू हो गया। पांगी के तहत आती पीरपंजाल की चोटियों बर्फबारी से ढक गई हैं। किलाड़ मुख्यालय में बर्फ की सफेद चादर ही बिछ गई है। किहार सेक्टर के तहत आती ऊपरी चोटियों धार मंदराला, गढ़माता, चोंडी दी घोड़ी, मराली धार में एक फीट तक बर्फबारी हुई।
मार्च में हिमपात होना लोगों के लिए चर्चा का विषय बना रहा। करीब पांच साल बाद मार्च में बर्फबारी हुई है। इससे बागवान और किसान चहक उठे हैं। बागवानों में सेब की बंपर पैदावार की उम्मीद बंध गई है। वहीं गेहूं की उमदा फसल की किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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चंबा-लंगेरा मार्ग भटोली के पास शाम साढ़े पांच बजे के करीब भूस्खलन होने से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। मार्ग के बाधित होने घरों को लौट रहे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची विभागीय मशीनरी और लेबर ने साढ़े छह बजे के करीब मार्ग को सुचारू करवाया।
उपायुक्त विवेक भाटिया का कहना है कि मौसम विभाग के पूर्वानुमानुसार सभी उपमंडलाधिकारियों को सचेत रहने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह अलर्ट हैं।
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डलहौजी के लक्कमंडी, आहला में छह इंच, डैनकुंड में फीट, खज्जियार में दो से तीन इंच तक ताजा बर्फबारी हुई। इसके अलावा पौहलाणी, जोत में दो से छह इंच तक बर्फबारी हुई। उपमंडल भरमौर की ऊपरी चोटियों मणिमहेश, काली छौ, रूहणूकोठी, कुगति, चौबिया, ढ़कोग में दो इंच से लेकर दो फीट तक बर्फ गिरी। दोपहर बाद तहसील मुख्यालय भरमौर में भी बर्फबारी का क्रम शुरू हो गया। पांगी के तहत आती पीरपंजाल की चोटियों बर्फबारी से ढक गई हैं। किलाड़ मुख्यालय में बर्फ की सफेद चादर ही बिछ गई है। किहार सेक्टर के तहत आती ऊपरी चोटियों धार मंदराला, गढ़माता, चोंडी दी घोड़ी, मराली धार में एक फीट तक बर्फबारी हुई।
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मार्च में हिमपात होना लोगों के लिए चर्चा का विषय बना रहा। करीब पांच साल बाद मार्च में बर्फबारी हुई है। इससे बागवान और किसान चहक उठे हैं। बागवानों में सेब की बंपर पैदावार की उम्मीद बंध गई है। वहीं गेहूं की उमदा फसल की किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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चंबा-लंगेरा मार्ग भटोली के पास शाम साढ़े पांच बजे के करीब भूस्खलन होने से वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। मार्ग के बाधित होने घरों को लौट रहे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची विभागीय मशीनरी और लेबर ने साढ़े छह बजे के करीब मार्ग को सुचारू करवाया।
उपायुक्त विवेक भाटिया का कहना है कि मौसम विभाग के पूर्वानुमानुसार सभी उपमंडलाधिकारियों को सचेत रहने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह अलर्ट हैं।