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Chamba News: बीमार बच्चों का पता लगाकर दिया करवाया मुफ्त इलाज
Sun, 05 May 2024 09:32 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 05 May 2024 09:32 PM IST
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चंबा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले भर में बीमार बच्चों की तलाश कर उनका मुफ्त इलाज किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें रोजाना आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में जाकर सभी बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर रही हैं। इसमें सामान्य रूप से बीमार बच्चों को मौके पर दवाई दी जा रही है, जबकि गंभीर बीमारी से ग्रस्त बच्चों की पहचान कर उन्हें चंबा मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। रेफर करते समय इन बच्चों को येलो कार्ड भी दिया जा रहा है। इस कार्ड के जरिये प्रदेश के किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में उनका पूरा इलाज मुफ्त किया जाएगा। इतना ही नहीं, पीजीआई चंडीगढ़ में भी उनका पूरा इलाज मुफ्त होगा। ऐसे में यह कार्यक्रम उन बच्चों के लिए संजीवनी का कार्य कर रहा है, जो गंभीर बीमारी से पीड़ित तो थे लेकिन चाहकर भी उनके माता-पिता अपने बच्चों का इलाज नहीं करवा पा रहे थे। ऐसे बच्चों का इलाज भी इस कार्यक्रम के तहत मुफ्त किया गया है।
जिला चंबा में आधा दर्जन बच्चे हृदय रोग की बीमारी से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत की गई स्वास्थ्य जांच में सामने आए। इन बच्चों को येलो रेफर कार्ड देकर इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। यहां बच्चों के हृदय की बीमारी का इलाज करने के लिए ऑपरेशन किए गए, लेकिन इन ऑपरेशन करवाने के लिए अभिभावकों को कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ा। जो ऑपरेशन दो से तीन लाख रुपये में होना था, वही ऑपरेशन मुफ्त में किया गया। कोरोना काल में इस कार्यक्रम को स्थगित किया गया था, क्योंकि स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद पड़े थे, लेकिन अब दोबारा से स्कूलों में जाकर बीमार बच्चों की पहचान की जा रही है।
-- उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विशाल महाजन ने बताया कि आरबीएसके के तहत स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। इस जांच में जो भी बच्चे बीमार निकलेंगे, उनके इलाज की मुफ्त व्यवस्था इस कार्यक्रम के तहत की जाएगी। जिले में कई बच्चे मुफ्त ऑपरेशन करवाकर स्वस्थ हो चुके हैं।
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स्वास्थ्य विभाग की टीमें रोजाना आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में जाकर सभी बच्चों के स्वास्थ्य की जांच कर रही हैं। इसमें सामान्य रूप से बीमार बच्चों को मौके पर दवाई दी जा रही है, जबकि गंभीर बीमारी से ग्रस्त बच्चों की पहचान कर उन्हें चंबा मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। रेफर करते समय इन बच्चों को येलो कार्ड भी दिया जा रहा है। इस कार्ड के जरिये प्रदेश के किसी भी स्वास्थ्य संस्थान में उनका पूरा इलाज मुफ्त किया जाएगा। इतना ही नहीं, पीजीआई चंडीगढ़ में भी उनका पूरा इलाज मुफ्त होगा। ऐसे में यह कार्यक्रम उन बच्चों के लिए संजीवनी का कार्य कर रहा है, जो गंभीर बीमारी से पीड़ित तो थे लेकिन चाहकर भी उनके माता-पिता अपने बच्चों का इलाज नहीं करवा पा रहे थे। ऐसे बच्चों का इलाज भी इस कार्यक्रम के तहत मुफ्त किया गया है।
जिला चंबा में आधा दर्जन बच्चे हृदय रोग की बीमारी से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत की गई स्वास्थ्य जांच में सामने आए। इन बच्चों को येलो रेफर कार्ड देकर इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। यहां बच्चों के हृदय की बीमारी का इलाज करने के लिए ऑपरेशन किए गए, लेकिन इन ऑपरेशन करवाने के लिए अभिभावकों को कोई पैसा खर्च नहीं करना पड़ा। जो ऑपरेशन दो से तीन लाख रुपये में होना था, वही ऑपरेशन मुफ्त में किया गया। कोरोना काल में इस कार्यक्रम को स्थगित किया गया था, क्योंकि स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद पड़े थे, लेकिन अब दोबारा से स्कूलों में जाकर बीमार बच्चों की पहचान की जा रही है।
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