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Chamba News: जम्मू-कश्मीर के शिवभक्तों ने भरमौर हेलीपैड पर जमाया डेरा
Fri, 06 Sep 2024 10:55 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 06 Sep 2024 10:55 PM IST
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चंबा में भरमौर स्थित हेलीपैड में जम्मू से पहुंचते श्रद्धालु। संवाद
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भरमौर (चंबा)। पड़ोसी राज्य जम्मू-कश्मीर से बड़ी संख्या में पहुंचे शिव भक्तों ने भरमौर के हेलीपैड में डेरा जमा लिया है। यहां उनका पड़ाव ळै। मणिमहेश यात्रियों ने यहां सबसे पहले देवी-देवताओं के चिह्नों को स्थापित किया।
इसके बाद विधिवत रूप से पूजा-अर्चना की गई। शिव भक्तों ने पारंपरिक नाटी डालकर खूब समां बांधा। श्रद्धालुओं के डेरा जमाने के बाद चॉपर सेवाएं बंद हो गई हैं। ये सेवाएं तब तक बाधित रहेंगी, जब तक श्रद्धालु अगले पड़ाव का रुख नहीं करते। शुक्रवार दोपहर बाद चौरासी परिसर पहुंचते ही जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालुओं के जत्थे ने भोले बाबा के जयकारे लगाने शुरू कर दिए। इससे भरमौर मुख्यालय शिव जयकारों से गूंज उठा।
चौरासी परिसर में माथा टेकने के बाद श्रद्धालुओं ने हेलीपैड में प्रवेश किया। सदियों से यह परंपरा चली आ रही है। पड़ोसी राज्य से पहुंचने वाले जत्थों में शामिल श्रद्धालु अपने साथ लाए देव चिह्नों को हेलीपैड के बीचोंबीच गाड़कर पूजा-अर्चना करते हैं। दो दिन तक देव चिह्न हेलीपैड में ही स्थापित रहते हैं। श्रद्धालु देव चिह्नों की पूजा-अर्चना करने के साथ भजनों पर नाचते-गाते देखे जा सकते हैं। भरमौर यात्रा का यह बड़ा पड़ाव है। इसलिए भद्रवाह से आने वाले श्रद्धालु यहां दो दिन तक रुकते हैं। अब 8 सितंबर को ये श्रद्धालु चौरासी परिसर में नाटी डालने के बाद देव चिह्नों को कंधों पर उठाकर हड़सर के लिए कूच करेंगे।
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उधर, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुलवीर सिंह राणा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालु भरमौर पहुंचे हैं। उन्होंने हेलीपैड में देवी-देवताओं के चिह्न स्थापित किए हैं। जब तक वे यहां डेरा डालेंगे, तब तक चॉपर सेवाएं बंद रहेंगी।
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इसके बाद विधिवत रूप से पूजा-अर्चना की गई। शिव भक्तों ने पारंपरिक नाटी डालकर खूब समां बांधा। श्रद्धालुओं के डेरा जमाने के बाद चॉपर सेवाएं बंद हो गई हैं। ये सेवाएं तब तक बाधित रहेंगी, जब तक श्रद्धालु अगले पड़ाव का रुख नहीं करते। शुक्रवार दोपहर बाद चौरासी परिसर पहुंचते ही जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालुओं के जत्थे ने भोले बाबा के जयकारे लगाने शुरू कर दिए। इससे भरमौर मुख्यालय शिव जयकारों से गूंज उठा।
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चौरासी परिसर में माथा टेकने के बाद श्रद्धालुओं ने हेलीपैड में प्रवेश किया। सदियों से यह परंपरा चली आ रही है। पड़ोसी राज्य से पहुंचने वाले जत्थों में शामिल श्रद्धालु अपने साथ लाए देव चिह्नों को हेलीपैड के बीचोंबीच गाड़कर पूजा-अर्चना करते हैं। दो दिन तक देव चिह्न हेलीपैड में ही स्थापित रहते हैं। श्रद्धालु देव चिह्नों की पूजा-अर्चना करने के साथ भजनों पर नाचते-गाते देखे जा सकते हैं। भरमौर यात्रा का यह बड़ा पड़ाव है। इसलिए भद्रवाह से आने वाले श्रद्धालु यहां दो दिन तक रुकते हैं। अब 8 सितंबर को ये श्रद्धालु चौरासी परिसर में नाटी डालने के बाद देव चिह्नों को कंधों पर उठाकर हड़सर के लिए कूच करेंगे।
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उधर, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुलवीर सिंह राणा ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के श्रद्धालु भरमौर पहुंचे हैं। उन्होंने हेलीपैड में देवी-देवताओं के चिह्न स्थापित किए हैं। जब तक वे यहां डेरा डालेंगे, तब तक चॉपर सेवाएं बंद रहेंगी।