{"_id":"633c647b7a8e2f125b7bb4b8","slug":"services-of-senior-doctors-not-found-in-opd-chamba-news-sml423893566","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओपीडी में नहीं मिली सीनियर डॉक्टरों की सेवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओपीडी में नहीं मिली सीनियर डॉक्टरों की सेवाएं
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज चंबा में चिकित्सकों के सामूहिक हड़ताल पर जाने के चेकअप के लिए अपनी बारी का इंतजार कर
- फोटो : Chamba
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंबा। चंबा मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मंगलवार को मरीजों को सीनियर चिकित्सकों की सेवाएं नहीं मिल पाईं। करीब 25 असिस्टेंट प्रोफेसर एक दिन की सामूहिक हड़ताल पर रहे। ओपीडी में जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकोें ने मरीजों का स्वास्थ्य जांचा। विशेषज्ञों से अपनी जांच करवाने के लिए दूरदराज के इलाकों से पहुंचे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।
कई मरीज ऐसे थे जो विशेषज्ञों से अपनी बीमारी के इलाज को लेकर परामर्श लेने पहुंचे थे लेकिन उन्हें विशेषज्ञोें की सेवाएं नहीं मिल पाईं। उन्हें भी जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों से परामर्श लेना पड़ा। ओपीडी में एक-एक विशेषज्ञ ने सेवाएं दी। इसकी वजह से मरीजों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। हालांकि मरीजों को अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। सुबह से लेकर शाम तक ओपीडी के बाहर मरीजों की कतारें लगी रहीं।
सामूहिक हड़ताल पर चल रहे विशेषज्ञों ने दोपहर के समय मेडिकल कॉलेज के बाहर गेट मीटिंग की और आगामी रणनीति बनाई गई। असिस्टेंट प्रोफेसर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर मानिक सहगल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ सरकार से मांग कर रहे हैं कि फील्ड के विशेषज्ञों की तर्ज पर उन्हें भी अकादमी भत्ता दिया जाए। इसके अलावा असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर सरकार सीधी भर्ती करे। उसके अलावा अन्य पदों पर पदोन्नति दी जाए।
विज्ञापन
वहीं मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों की अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और जिला स्तरीय कार्यशाला के लिए अनुमति प्रदान की जाए। इन मांगों को लेकर प्रदेश में मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ सामूहिक हड़ताल पर हैं।
विज्ञापन
कई मरीज ऐसे थे जो विशेषज्ञों से अपनी बीमारी के इलाज को लेकर परामर्श लेने पहुंचे थे लेकिन उन्हें विशेषज्ञोें की सेवाएं नहीं मिल पाईं। उन्हें भी जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों से परामर्श लेना पड़ा। ओपीडी में एक-एक विशेषज्ञ ने सेवाएं दी। इसकी वजह से मरीजों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई। हालांकि मरीजों को अपने स्वास्थ्य की जांच करवाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। सुबह से लेकर शाम तक ओपीडी के बाहर मरीजों की कतारें लगी रहीं।
विज्ञापन
सामूहिक हड़ताल पर चल रहे विशेषज्ञों ने दोपहर के समय मेडिकल कॉलेज के बाहर गेट मीटिंग की और आगामी रणनीति बनाई गई। असिस्टेंट प्रोफेसर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर मानिक सहगल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ सरकार से मांग कर रहे हैं कि फील्ड के विशेषज्ञों की तर्ज पर उन्हें भी अकादमी भत्ता दिया जाए। इसके अलावा असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर सरकार सीधी भर्ती करे। उसके अलावा अन्य पदों पर पदोन्नति दी जाए।
विज्ञापन
वहीं मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों की अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और जिला स्तरीय कार्यशाला के लिए अनुमति प्रदान की जाए। इन मांगों को लेकर प्रदेश में मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ सामूहिक हड़ताल पर हैं।