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शादी वाले घर में पसर गया मातम
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चंबा-सिल्लाघ्राट मार्ग पर नंद गांव के पास गहरी खाई में गिरी कार हादसे के दौरान मेडिकल कॉलेज के बा?
- फोटो : Chamba
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चंबा। पंजाब के मलेरकोटलां से चाचा के लड़के की शादी में शामिल होने पहुंचे माम हुसैन को क्या पता था कि शादी से ठीक एक दिन पहले ही वह दुनिया से रुख्सत हो जाएगा। रविवार को होने वाली शादी के लिए कुछ सामान खरीदने की बात कह कर तीन परिवारों को चार लोग सिल्लाघ्राट से चंबा के लिए हंसी-खुशी निकले। क्या मालूम था कि सिल्लाघ्राट-चंबा मार्ग पर नंदलाल के पास काल उनका इंतजार कर रहा है। गाड़ी के हादसे ने चाचा-ताया सहित एक अन्य रिश्तेदार के परिवारों को कभी न भूलने वाले जख्म दे दिया।
पंजाब के मलेरकोटलां से माम हुसैन दो दिन पहले अपने चाचा के घर सिल्लाघ्राट पहुंचा था। माम हुसैन भाई की शादी में शामिल होने और अन्य प्रकार के कार्य को निपटाने के लिए पहले ही आ गया था। परिजनों ने बताया कि साहो में कुछ रिश्तेदारों को शादी के लिए निमंत्रण देना था। साथ ही शहर से शादी के लिए जरूरी कुछ सामान भी खरीदना शेष था। ऐसे में माम हुसैन ने चंबा जाकर सामान लाने की बात कही। माम हुसैन के साथ उसके चाचा का लड़का रोशनदीन, रफी मोहम्मद और अन्य रिश्तेदार शुक्रदीन गाड़ी में सवार होकर उनके साथ ही जाने के लिए निकले। घर से कुछ ही दूरी पर अचानक गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने से माम हुसैन, रोशनदीन और शुक्रदीन अपने परिवारों को कभी न भूलने वाले जख्म दे गए।
रोशनदीन के तीन बच्चे, शुक्रदीन का एक बच्चा और माम हुसैन के बच्चे, पत्नी और बुजुर्ग माता-पिता हैं। सड़क दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद सिल्लाघ्राट पंचायत में मानो सन्नाटा पसर गया। हर कोई अनहोनी सुन कर सन्न रह गया।
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परिवार के सदस्य सभी के कुशलक्षेम होने की आस लेकर मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचे। लेकिन तीन लोगों के मारे जाने की सूचना मिलने से वे टूूट गए। अस्पताल परिसर में परिजन फूट-फूट कर रोने लगे। परिजन उस घड़ी को कोस रहे थे, जब तीनों को उन्होंने शादी का सामान लाने के लिए चंबा जाने की बात कही और उनकी बात मान उन्हें जाने दिया।
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पंजाब के मलेरकोटलां से माम हुसैन दो दिन पहले अपने चाचा के घर सिल्लाघ्राट पहुंचा था। माम हुसैन भाई की शादी में शामिल होने और अन्य प्रकार के कार्य को निपटाने के लिए पहले ही आ गया था। परिजनों ने बताया कि साहो में कुछ रिश्तेदारों को शादी के लिए निमंत्रण देना था। साथ ही शहर से शादी के लिए जरूरी कुछ सामान भी खरीदना शेष था। ऐसे में माम हुसैन ने चंबा जाकर सामान लाने की बात कही। माम हुसैन के साथ उसके चाचा का लड़का रोशनदीन, रफी मोहम्मद और अन्य रिश्तेदार शुक्रदीन गाड़ी में सवार होकर उनके साथ ही जाने के लिए निकले। घर से कुछ ही दूरी पर अचानक गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने से माम हुसैन, रोशनदीन और शुक्रदीन अपने परिवारों को कभी न भूलने वाले जख्म दे गए।
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रोशनदीन के तीन बच्चे, शुक्रदीन का एक बच्चा और माम हुसैन के बच्चे, पत्नी और बुजुर्ग माता-पिता हैं। सड़क दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद सिल्लाघ्राट पंचायत में मानो सन्नाटा पसर गया। हर कोई अनहोनी सुन कर सन्न रह गया।
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परिवार के सदस्य सभी के कुशलक्षेम होने की आस लेकर मेडिकल कॉलेज चंबा पहुंचे। लेकिन तीन लोगों के मारे जाने की सूचना मिलने से वे टूूट गए। अस्पताल परिसर में परिजन फूट-फूट कर रोने लगे। परिजन उस घड़ी को कोस रहे थे, जब तीनों को उन्होंने शादी का सामान लाने के लिए चंबा जाने की बात कही और उनकी बात मान उन्हें जाने दिया।