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Chamba News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष की जाए
Tue, 16 Jul 2024 10:08 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Tue, 16 Jul 2024 10:08 PM IST
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चंबा उपायुक्त मुकेश रेपसवाल को विभिन्न मांगों बारे ज्ञापन देता भारतीय मजदूर संघ का प्रतिनिधि
चंबा। भारतीय मजदूर संघ ने उपायुक्त के माध्यम से एक मांगपत्र प्रधानमंत्री को भेजा है। इसमें आंगनबाड़ी, कार्यकर्ता, सहायिका, मिड-डे मील वर्कर सहित अन्य कर्मचारियों की समस्या का निदान करने की मांग की है।
संघ के जिला अध्यक्ष सरवन कुमार भरमौरी ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा और मिड-डे मील वर्करों के नियमतिकरण को लेकर किसी प्रकार का प्रावधान सरकार ने नहीं किया है। इसके अलावा इन कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी को लेकर भी उचित व्यवस्था सरकार नहीं कर रही है। इस वजह से इन कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि इन कर्मचारियों का शोषण रोकने के लिए उन्हें नियमित किया जाए। आशा वर्करों को न्यूनतम वेतन 18000 रुपये दिया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवानिवृति आयु 65 वर्ष की जाए। मिड-डे मील वर्करों को 12 महीने का वेतन दिया जाए। जल शक्ति विभाग के तहत पंचायतों में कार्य करने वाले जल रक्षकों को भी न्यूनतम वेतन दिया जाए। इसके अलावा प्रदेश के समस्त कर्मचारियों को सातवें वेतनमान की बकाया राशि अविलंब जारी की जाए।
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संघ के जिला अध्यक्ष सरवन कुमार भरमौरी ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा और मिड-डे मील वर्करों के नियमतिकरण को लेकर किसी प्रकार का प्रावधान सरकार ने नहीं किया है। इसके अलावा इन कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी को लेकर भी उचित व्यवस्था सरकार नहीं कर रही है। इस वजह से इन कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि इन कर्मचारियों का शोषण रोकने के लिए उन्हें नियमित किया जाए। आशा वर्करों को न्यूनतम वेतन 18000 रुपये दिया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवानिवृति आयु 65 वर्ष की जाए। मिड-डे मील वर्करों को 12 महीने का वेतन दिया जाए। जल शक्ति विभाग के तहत पंचायतों में कार्य करने वाले जल रक्षकों को भी न्यूनतम वेतन दिया जाए। इसके अलावा प्रदेश के समस्त कर्मचारियों को सातवें वेतनमान की बकाया राशि अविलंब जारी की जाए।
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