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Chamba News: गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए संजीवनी बना आरबीएसके
Mon, 03 Nov 2025 11:03 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 03 Nov 2025 11:03 PM IST
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चंबा। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत जिले में गंभीर रूप से बीमार बच्चों को तलाश कर उनका मुफ्त इलाज किया जा रहा है। 13 स्वास्थ्य टीमें रोजाना आंगनबाड़ी केंद्रों और स्कूलों में जाकर बच्चों की स्क्रीनिंग कर रही हैं।
इस दौरान सिर से लेकर पैर तक पाई जाने वाली सभी बीमारियों की जांच की जा रही है। खासतौर पर एनीमिया को भी जांचा जा रहा है। इसमें जो भी बच्चे किसी बीमारी से ग्रसित निकल रहे हैं तो उन्हें येलो कार्ड देकर मेडिकल कॉलेज चंबा में उपचार के लिए रेफर किया जा रहा है। जहां पर उनकी बीमारी का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। ऐसे बच्चों के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में अलग से डॉक्टर की ड्यूटी भी लगाई है, जो कि रेफर बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर चेक करेंगे और उनका इलाज करेंगे। इसमें यदि कोई बच्चा गंभीर बीमार निकलता है उसेइलाज के लिए जिले से बाहर भी जाना पड़ता है तो वहां पर भी उसका इलाज मुफ्त में होगा।
पीजीआई चंडीगढ़ और टांडा मेडिकल कॉलेज में करवाए ऑपरेशन
अब तक जिले में 10 बच्चों के इस कार्यक्रम के तहत मुफ्त ऑपरेशन किए जा चुके हैं। ये ऑपरेशन पीजीआई चंडीगढ़ और टांडा मेडिकल कॉलेज में हुए हैं। वहीं, 12 से अधिक बच्चों में कान की गंभीर बीमारी का इलाज ऑपरेशन के जरिये किया है। सामान्य बीमारी का इलाज जिला स्तर पर हो रहा है।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम उन बच्चों के लिए संजीवनी बना है, जो कि गरीबी के कारण अपनी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं करवा पा रहे थे। ऐसे बच्चों का इलाज मुफ्त में किया जा रहा है। डॉ. बिपिन ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चंबा
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इस दौरान सिर से लेकर पैर तक पाई जाने वाली सभी बीमारियों की जांच की जा रही है। खासतौर पर एनीमिया को भी जांचा जा रहा है। इसमें जो भी बच्चे किसी बीमारी से ग्रसित निकल रहे हैं तो उन्हें येलो कार्ड देकर मेडिकल कॉलेज चंबा में उपचार के लिए रेफर किया जा रहा है। जहां पर उनकी बीमारी का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। ऐसे बच्चों के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में अलग से डॉक्टर की ड्यूटी भी लगाई है, जो कि रेफर बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर चेक करेंगे और उनका इलाज करेंगे। इसमें यदि कोई बच्चा गंभीर बीमार निकलता है उसेइलाज के लिए जिले से बाहर भी जाना पड़ता है तो वहां पर भी उसका इलाज मुफ्त में होगा।
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पीजीआई चंडीगढ़ और टांडा मेडिकल कॉलेज में करवाए ऑपरेशन
अब तक जिले में 10 बच्चों के इस कार्यक्रम के तहत मुफ्त ऑपरेशन किए जा चुके हैं। ये ऑपरेशन पीजीआई चंडीगढ़ और टांडा मेडिकल कॉलेज में हुए हैं। वहीं, 12 से अधिक बच्चों में कान की गंभीर बीमारी का इलाज ऑपरेशन के जरिये किया है। सामान्य बीमारी का इलाज जिला स्तर पर हो रहा है।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम उन बच्चों के लिए संजीवनी बना है, जो कि गरीबी के कारण अपनी गंभीर बीमारी का इलाज नहीं करवा पा रहे थे। ऐसे बच्चों का इलाज मुफ्त में किया जा रहा है। डॉ. बिपिन ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, चंबा