चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा के नए भवन में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए आवास की सुविधा नहीं है। इसकी वजह से सरोल में मेडिकल कॉलेज संचालित होने पर तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को समस्या का सामना करना पड़ सकता है। वर्तमान में चंबा मेडिकल काॅलेज में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 240 कर्मचारी कार्यरत हैं जबकि सैकड़ों कर्मचारियों के पद रिक्त पड़े हुए हैं।
हैरानी की बात है कि चंबा मेडिकल काॅलेज के प्रथम चरण में स्टाफ क्वार्टरों का निर्माण नहीं किया जा रहा है और फेज-एक में भी टाइप और टाइप-एक के आवासों के निर्माण का कोई प्रावधान नहीं है। क्वार्टरों का निर्माण नहीं होने से रात्रि और आपातकालीन सेवाएं देने वाले कर्मचारियों, स्टाफ नर्सों, ऑपरेशन थियेटर अस्सिटेंट, लैब तकनीशियनों सहित फार्मासिस्टों को काफी मुश्किलों को सामना करना पड़ेगा। राज्य स्तरीय स्वास्थ्य विभाग चतुर्थ श्रेणी महासंघ ने स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल्य को इन समस्याओं के समाधान को लेकर ज्ञापन सौंपा। संघ ने तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए आवास बनाने के की उठाई। उन्होंने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर स्वास्थ्य मंत्री का आभार भी प्रकट किया है। इसके साथ ही चंबा में कैंसर रोग विशेषज्ञ के साथ स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती की मांग भी उठाई। महासंघ के प्रधान गजिंद्र कुमार और महासचिव प्रमोद कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया है।