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Chamba News: इमरजेंसी में धड़कनें, मशीनें नहीं दे रहीं साथ
Sat, 19 Sep 2026 10:37 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 19 Sep 2026 10:37 PM IST
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पांच में चार मॉनिटर खराब, गंभीर मरीजों की पल-पल की निगरानी प्रभावित
ईसीजी और ऑक्सीजन सैचुरेशन की जांच के लिए आपातकालीन कक्ष से बाहर जाना पड़ रहा
इमरजेंसी में गंभीर मरीजों की निगरानी व्यवस्था नए उपकरणों के इंतजार में
प्रवीण कुमार
चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा की इमरजेंसी में मरीजों का इलाज बिस्तरों पर हो रहा है, लेकिन उनकी निगरानी के लिए लगी मशीनें साथ नहीं दे रहीं। आपातकालीन कक्ष में बिस्तरों के साथ लगाए गए पांच में से चार मॉनिटर खराब पड़े हैं। इससे गंभीर मरीजों की लगातार निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
मल्टी पैरा मॉनिटर के जरिये ईसीजी, हृदय गति, रक्तचाप, ऑक्सीजन सैचुरेशन और श्वसन दर जैसे जरूरी मानकों पर नजर रखी जाती है। मरीज की हालत में अचानक बदलाव होने पर इन मानकों की जानकारी चिकित्सकों के लिए अहम होती है। चार मॉनिटर खराब होने से मरीजों की निगरानी में अतिरिक्त परेशानी हो रही है।
जिले की करीब पौने छह लाख आबादी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पर निर्भर है। दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों से गंभीर मरीज उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में इमरजेंसी में उपलब्ध जरूरी उपकरणों का चालू रहना बेहद महत्वपूर्ण है।
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तीमारदारों संजय कुमार, जय सिंह, रंजीत सिंह, मनोज कुमार, चतर सिंह, होशियारा राम और टेक चंद ने कहा कि इमरजेंसी में आने वाले मरीज पहले ही गंभीर स्थिति में होते हैं। उन्होंने खराब मॉनिटरों को जल्द ठीक करवाने की मांग की।
हृदय और छाती रोग से ग्रसित मरीजों की परेशानी और बढ़ रही है। उन्हें ईसीजी करवाने के लिए आपातकालीन कक्ष से बाहर जाना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों के लिए इस तरह आना-जाना जोखिम बढ़ा सकता है। तीमारदारों ने प्रबंधन से जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
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आठ नए मॉनिटर का ऑर्डर
मेडिकल कॉलेज प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि आठ मल्टी पैरा मॉनिटर का ऑर्डर दिया जा चुका है। जल्द ही इनकी आपूर्ति हो सकती है। नए मॉनिटर आते ही खराब उपकरणों को बदल दिया जाएगा।
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ईसीजी और ऑक्सीजन सैचुरेशन की जांच के लिए आपातकालीन कक्ष से बाहर जाना पड़ रहा
इमरजेंसी में गंभीर मरीजों की निगरानी व्यवस्था नए उपकरणों के इंतजार में
प्रवीण कुमार
चंबा। मेडिकल कॉलेज चंबा की इमरजेंसी में मरीजों का इलाज बिस्तरों पर हो रहा है, लेकिन उनकी निगरानी के लिए लगी मशीनें साथ नहीं दे रहीं। आपातकालीन कक्ष में बिस्तरों के साथ लगाए गए पांच में से चार मॉनिटर खराब पड़े हैं। इससे गंभीर मरीजों की लगातार निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
मल्टी पैरा मॉनिटर के जरिये ईसीजी, हृदय गति, रक्तचाप, ऑक्सीजन सैचुरेशन और श्वसन दर जैसे जरूरी मानकों पर नजर रखी जाती है। मरीज की हालत में अचानक बदलाव होने पर इन मानकों की जानकारी चिकित्सकों के लिए अहम होती है। चार मॉनिटर खराब होने से मरीजों की निगरानी में अतिरिक्त परेशानी हो रही है।
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जिले की करीब पौने छह लाख आबादी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पर निर्भर है। दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों से गंभीर मरीज उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में इमरजेंसी में उपलब्ध जरूरी उपकरणों का चालू रहना बेहद महत्वपूर्ण है।
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तीमारदारों संजय कुमार, जय सिंह, रंजीत सिंह, मनोज कुमार, चतर सिंह, होशियारा राम और टेक चंद ने कहा कि इमरजेंसी में आने वाले मरीज पहले ही गंभीर स्थिति में होते हैं। उन्होंने खराब मॉनिटरों को जल्द ठीक करवाने की मांग की।
हृदय और छाती रोग से ग्रसित मरीजों की परेशानी और बढ़ रही है। उन्हें ईसीजी करवाने के लिए आपातकालीन कक्ष से बाहर जाना पड़ रहा है। गंभीर मरीजों के लिए इस तरह आना-जाना जोखिम बढ़ा सकता है। तीमारदारों ने प्रबंधन से जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की।
आठ नए मॉनिटर का ऑर्डर
मेडिकल कॉलेज प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि आठ मल्टी पैरा मॉनिटर का ऑर्डर दिया जा चुका है। जल्द ही इनकी आपूर्ति हो सकती है। नए मॉनिटर आते ही खराब उपकरणों को बदल दिया जाएगा।