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Chamba News: लोगों को खूब भा रहीं चीड़ की पत्तियों से बनीं टोकरियां
Sat, 03 Aug 2024 10:40 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 03 Aug 2024 10:40 PM IST
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चंबा। ऐतिहासिक चंबा चौगान में अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में लगी प्रदर्शनी में कस्तूरबा गांधी छात्रावास की छात्राओं के उत्पाद लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।
डाइट सरू की मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. कविता बिजलवान ने बताया कि प्रदर्शनी में संस्थान के प्रशिक्षुओं और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं की ओर से तैयार की गई वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई है।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय छात्रावास की बालिकाओं की ओर से क्राफ्ट वर्क की विभिन्न प्रकार की चीजें प्रदर्शनी में रखी हैं। इनमें विशेष रूप से चंबा कढ़ाई के रुमाल, क्रोशिया के रुमाल, जूट के बैग, वॉल हैंगिंग शामिल हैं। डाइट प्रशिक्षुओं ने भी स्थानीय उत्पादों को बढ़ाने बढ़ावा देने के लिए चीड़ की पत्तियों से टोकरियां, मक्की के भुट्टे के छिलकों से बैठने के लिए छोटे-छोटे आसन बनाए हैं। इन्हें स्थानीय भाषा में चकले कहा जाता है। बिजलवान ने बताया कि सामुदायिक सहभागिता के लिए इस तरह की प्रदर्शनी हर वर्ष मिंजर मेले में डाइट की ओर से लगाई जाती है।
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डाइट सरू की मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. कविता बिजलवान ने बताया कि प्रदर्शनी में संस्थान के प्रशिक्षुओं और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं की ओर से तैयार की गई वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई गई है।
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कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय छात्रावास की बालिकाओं की ओर से क्राफ्ट वर्क की विभिन्न प्रकार की चीजें प्रदर्शनी में रखी हैं। इनमें विशेष रूप से चंबा कढ़ाई के रुमाल, क्रोशिया के रुमाल, जूट के बैग, वॉल हैंगिंग शामिल हैं। डाइट प्रशिक्षुओं ने भी स्थानीय उत्पादों को बढ़ाने बढ़ावा देने के लिए चीड़ की पत्तियों से टोकरियां, मक्की के भुट्टे के छिलकों से बैठने के लिए छोटे-छोटे आसन बनाए हैं। इन्हें स्थानीय भाषा में चकले कहा जाता है। बिजलवान ने बताया कि सामुदायिक सहभागिता के लिए इस तरह की प्रदर्शनी हर वर्ष मिंजर मेले में डाइट की ओर से लगाई जाती है।
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