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बिजली बोर्ड के कुप्रबंधन की वजह से नहीं मिली पेंशन : बेदी
Fri, 05 Jan 2024 10:48 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 05 Jan 2024 10:48 PM IST
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चंबा में बैठक के दौरान मौजूद बिजली बोर्ड पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी।संवाद
चंबा। बिजली बोर्ड पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन की चंबा इकाई की बैठक इकाई के अध्यक्ष मुकेश बेदी की अध्यक्षता में विश्राम गृह चंबा में हुई।
बैठक में दिसंबर की पेंशन पहली जनवरी को नहीं देने पर निराशा जताई गई। बिजली बोर्ड प्रबंधन और हिमाचल सरकार की निंदा की गई। बेदी ने कहा कि यह सब बिजली बोर्ड के कुप्रबंधन और सरकार की नाकामयाबी का नतीजा है। जब से हरिकेश मीणा को बिजली बोर्ड के एमडी का कार्यभार सौंपा है, तब से बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली को तहस नहस कर दिया गया है। जिले की चार विद्युत परियोजनाओं का निर्माण अधर में लटका है। बिजली बोर्ड को इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए ऋण भी उपलब्ध हो चुका है। कुछ राशि बोर्ड ने खर्च कर ली है, लेकिन विद्युत बोर्ड परियोजना के निर्माण कार्य को गति देने के बजाय संबंधित कार्यालयों को बंद कर, संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्थानांतरित कर दिया है। मांग की है कि बंद किए कार्यालयों की यथास्थिति बहाल की जाए। मुख्यमंत्री ने पहले ही इन परियोजनाओं का निर्माण बिजली बोर्ड से ही करवाने के आदेश जारी किए हैं। बोर्ड प्रबंधन उनके आदेशों की अवऐलना कर रहा है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि अस्थायी प्रबंधक को इस पद से तत्कालीन प्रभाव से हटाया जाए और स्थायी प्रबंधक लगाया जाए। बैठक के बाद पेंशन और वेतन न मिलने के विरोध में पेंशनरों ने धरना-प्रदर्शन भी किया।
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बैठक में दिसंबर की पेंशन पहली जनवरी को नहीं देने पर निराशा जताई गई। बिजली बोर्ड प्रबंधन और हिमाचल सरकार की निंदा की गई। बेदी ने कहा कि यह सब बिजली बोर्ड के कुप्रबंधन और सरकार की नाकामयाबी का नतीजा है। जब से हरिकेश मीणा को बिजली बोर्ड के एमडी का कार्यभार सौंपा है, तब से बिजली बोर्ड की कार्यप्रणाली को तहस नहस कर दिया गया है। जिले की चार विद्युत परियोजनाओं का निर्माण अधर में लटका है। बिजली बोर्ड को इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए ऋण भी उपलब्ध हो चुका है। कुछ राशि बोर्ड ने खर्च कर ली है, लेकिन विद्युत बोर्ड परियोजना के निर्माण कार्य को गति देने के बजाय संबंधित कार्यालयों को बंद कर, संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्थानांतरित कर दिया है। मांग की है कि बंद किए कार्यालयों की यथास्थिति बहाल की जाए। मुख्यमंत्री ने पहले ही इन परियोजनाओं का निर्माण बिजली बोर्ड से ही करवाने के आदेश जारी किए हैं। बोर्ड प्रबंधन उनके आदेशों की अवऐलना कर रहा है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि अस्थायी प्रबंधक को इस पद से तत्कालीन प्रभाव से हटाया जाए और स्थायी प्रबंधक लगाया जाए। बैठक के बाद पेंशन और वेतन न मिलने के विरोध में पेंशनरों ने धरना-प्रदर्शन भी किया।