फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   Out of stock of cannula in medical college chamba

बदहाल व्यवस्था : मेडिकल कॉलेज में टेस्ट ट्यूब के बाद अब कैनुला का स्टॉक खत्म

Sat, 03 Jun 2023 03:00 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Sat, 03 Jun 2023 03:00 AM IST
विज्ञापन
Out of stock of cannula in medical college chamba
ंबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती किए जाने वाले मरीजों को कैनुला लाने के लिए दी जा रही चिटें।
चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा में व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते दिनों जहां अस्पताल में परखनलियों (टेस्ट ट्यूब) का स्टॉक खत्म हो गया था तो अब उपचार के लिए सबसे जरूरी कैनुला ही नहीं मिल रहा है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को भर्ती करने से पहले तीमारदारों को कैनुला लाने के लिए पर्ची लिखकर दी जा रही है।
विज्ञापन

ऐसे में अगर आप भी मेडिकल कॉलेज चंबा में उपचार करवाने के लिए आ रहे हैं और लगता है कि भर्ती होना पड़ेगा, तो अपने साथ 100 रुपये का कैनुला खरीदकर साथ ले जाए, ताकि आपको तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया हो सकें। अस्पताल में भर्ती होने के बाद मरीजों को ग्लूकोज चढ़ाने और इंजेक्शन लगाने के लिए सबसे पहले कैनुला लगाया जाता है, लेकिन चंबा मेडिकल कॉलेज में इसका स्टॉक खत्म हो चुका है।
विज्ञापन

आपको बता दें कि अस्पताल में भर्ती होने पर मरीजों को मुफ्त में कैनुला लगाया जाता है। मगर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल चंबा में भर्ती होने वाले मरीज बाजार से खरीदकर ला रहे हैं। मेडिकल स्टोर में कैनुला के प्रिंट रेट के अनुसार 80 से 100 रुपये में बेचा जा रहा है। वार्ड में भर्ती होने वाले मरीज से स्टाफ नर्सें एक नहीं बल्कि दो कैनुला मंगवाती हैं, जिसके इसके लिए मरीज के हाथ में चिट थमाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

तीमारदारों में अशोक कुमार, हंसराज, केवल, मनोज कुमार, सुनीता, संजय कुमार और शम्मी कुमार ने बताया कि इन दिनों वारयल फीवर की वजह से भारी संख्या में बच्चे बीमार हो रहे हैं। बच्चों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा में भर्ती किया जा रहा है। मगर बच्चों को भर्ती करने से पूर्व स्टाफ नर्सें सबसे पहले उन्हें कैनुला मंगवाती हैं, जिसे बाजार से 80 से 100 रुपये में खरीदना पड़ रहा है।
बता दें कि मेडिकल कॉलेज चंबा की सरकारी लैब में फरवरी माह में परखनलियां (टेस्ट ट्यूब) का अकाल पड़ा था। 27वें दिन अस्पताल में टेस्ट ट्यूब पहुंची थी और मरीजों के निशुल्क टेस्ट आरंभ हो सके।

...तो आरकेएस भूली अपनी जिम्मेदारी
जिला मुख्यालय स्थिति मेडिकल कॉलेज की अव्यवस्थाओं को देखकर ऐसा लग रहा है कि रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) अपनी जिम्मेदारी को भूल चुकी है। पिछले लगभग डेढ़ माह से अस्पताल में आने वाले मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है, लेकिन रोगी कल्याण समिति अस्पताल की व्यवस्थाओं को सुधारने में दिलचस्पी दिखाती हुई नहीं दिख रही है।

... आरकेएस की क्या है जिम्मेदारी
रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के गठन का मूल उद्देश्य राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत स्वास्थ्य संस्थानों में लोगों को बिना किसी आर्थिक कठिनाई के उच्च गुणवत्तापूर्ण न्यायसंगत सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करवाना है। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों के कामकाज में कोताही और लापरवाही के लिए अस्पताल प्रशासन और प्रबंधन की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।

कैनुला उपलब्ध करवाने के लिए ऑर्डर दिया जा चुका है। जल्द ही इसकी आपूर्ति मेडिकल कॉलेज में हो सकती है। मरीजों की सुविधा और बेहतर इलाज के लिए अस्पताल प्रबंधन हर संभव प्रयास कर रहा है।



-डॉ. देवेंद्र कुमार, कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक।

मेेडिकल कॉलेज चंबा में रोगियों को कैनुला न मिलने बारे जानकारी मिली है। मेडिकल कॉलेज चंबा प्रबंधन से इस बारे जानकारी हासिल कर रोगियों की सहूलियत का सामान समयानुसार उपलब्ध करवाने को लेकर उचित दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगें।
-डीसी राणा, अध्यक्ष, रोगी कल्याण समिति एवं उपायुक्त चंबा

ंबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती किए जाने वाले मरीजों को कैनुला लाने के लिए दी जा रही चिटें।

ंबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती किए जाने वाले मरीजों को कैनुला लाने के लिए दी जा रही चिटें।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article