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खस्ताहालत कमरे में चालक कर रहे नींद पूरी, बिना गद्दों के सो रहे परिचालक
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बिना गद्दे के लकड़ी के बेड पर सोया परिचालक।
- फोटो : Chamba
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चंबा। एचआरटीसी डिपो में सेवाएं दे रहे चालक-परिचालक मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। एक तरफ जहां चालक खस्ताहालत कमरे में अपनी नींद पूरी कर रहे हैं तो वहीं, दूसरी तरफ बिना गद्दों के परिचालक अपनी थकान को दूर रहे हैं। मीलों सफर करने के बाद भी चालकों को चैन की नींद नहीं मिल पा रही है। परिचालक कक्ष में तो खटमल भी परेशानी का सबब बने हुए हैं। शुक्रवार को अमर उजाला की पड़ताल मुहिम के तहत व्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान पूरी तरह अव्यवस्था का आलम दिखा।
जानकारी के अनुसार चालकों के लिए रेस्ट रूम में छह और परिचालकों के लिए पांच बेड की व्यवस्था की गई है। चालकों को रेस्ट करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर चालक जैसे ही ड्यूटी ऑफ कर पहुंचते हैं तो उन्हें लकड़ी के बेड पर बिना गद्दों के अपनी नींद पूरी करनी पड़ रही है। यही नहीं, अव्यवस्था का आलम यह है कि खटमलों ने भी चालकों की नींद हराम कर दी है। यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्यों तक पहुंचाने वाले चालकों-परिचालकों को चैन की नींद नहीं मिल पा रही है। गौरतलब है कि सरकार की ओर से चालकों और परिचालकों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के दावे तो किए जाते हैं लेकिन इन दावों की पोल रेस्ट रूम में अव्यवस्था खोल रही है।
कई बार बता चुके हैं समस्या : ओम शंकर
चालक यूनियन के प्रधान ओम शंकर का कहना है कि इस मामले को लेकर वे कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। कहा कि निगम के पास बजट की भी कमी नहीं है लेकिन चालकों के लिए नए रेस्ट रूम की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
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जल्द बनाया जाएगा अलग कमरा : जम्वाल
आरएम चंबा राजन जम्वाल का कहना है कि परिचालक रेस्ट रूम में खटमल की समस्या के बारे में उन्हें जानकारी है। कहा कि रूम में कीटनाशक का छिड़काव सुबह-शाम किया जा रहा है। इसके अलावा चालकों के लिए अलग से रेस्ट रूम की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए फंड पहुंच गया है। शेष औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है।
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जानकारी के अनुसार चालकों के लिए रेस्ट रूम में छह और परिचालकों के लिए पांच बेड की व्यवस्था की गई है। चालकों को रेस्ट करने के लिए अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर चालक जैसे ही ड्यूटी ऑफ कर पहुंचते हैं तो उन्हें लकड़ी के बेड पर बिना गद्दों के अपनी नींद पूरी करनी पड़ रही है। यही नहीं, अव्यवस्था का आलम यह है कि खटमलों ने भी चालकों की नींद हराम कर दी है। यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्यों तक पहुंचाने वाले चालकों-परिचालकों को चैन की नींद नहीं मिल पा रही है। गौरतलब है कि सरकार की ओर से चालकों और परिचालकों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के दावे तो किए जाते हैं लेकिन इन दावों की पोल रेस्ट रूम में अव्यवस्था खोल रही है।
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कई बार बता चुके हैं समस्या : ओम शंकर
चालक यूनियन के प्रधान ओम शंकर का कहना है कि इस मामले को लेकर वे कई बार ज्ञापन सौंप चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हो पाई है। कहा कि निगम के पास बजट की भी कमी नहीं है लेकिन चालकों के लिए नए रेस्ट रूम की व्यवस्था नहीं हो पाई है।
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जल्द बनाया जाएगा अलग कमरा : जम्वाल
आरएम चंबा राजन जम्वाल का कहना है कि परिचालक रेस्ट रूम में खटमल की समस्या के बारे में उन्हें जानकारी है। कहा कि रूम में कीटनाशक का छिड़काव सुबह-शाम किया जा रहा है। इसके अलावा चालकों के लिए अलग से रेस्ट रूम की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए फंड पहुंच गया है। शेष औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है।