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पुरानी पेंशन को किया जाए बहाल : जरियाल
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चंबा में प्रेसवार्ता के दौरान अजय जरियाल व अन्य।
- फोटो : Chamba
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चंबा। सरकार को उपचुनाव के बाद कर्मचारियों की याद आई है। सरकार यह भी भलीभांति जान चुकी है कि सरकार के बिना कर्मचारी और कर्मचारियों के बिना सरकार नहीं चल पाएगी। कुल मिलाकर ताली दोनों हाथों से बजती है। सरकार कर्मचारियों का ध्यान रखेगी तो कर्मचारी भी सरकार का ध्यान रखेंगे। होटल इरावती में प्रेसवार्ता के दौरान जिला अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष अजय जरियाल ने यह बात कही।
कहा कि सरकार ने अराजपत्रित कर्मचारियों को जो मान्यता दी है, उसके आधार पर राज्य और जिला स्तर पर संयुक्त सलाहकार समितियों की बैठक होंगी। कर्मचारी वर्ग सरकार के देरी से लिए फैसले से नाराज भी रहा है। ऐसे में बैठक के लिए दिए गए न्योता से कर्मचारी वर्ग में एक उम्मीद जगी है। कहा कि कर्मचारियों की ज्वलंत मांगें राष्ट्र स्तर पर भी चली हुई हैं। कहा कि केवल पश्चिम बंगाल में पुरानी पेंशन लागू है। ऐसे में अब पुरानी पेंशन बहाल होनी चाहिए। कर्मचारियों की पूरी उम्र की कमाई का 60 प्रतिशत ही उन्हें मिलता है जबकि, 40 प्रतिशत का कोई पता नहीं होता कि वह उन्हें मिलेगा या नहीं। कहा कि वर्ष 2009 में कर्मचारियों के ड्यूटी के दौरान मौत होने या दिव्यांग होने पर प्रभावित परिवार को पुरानी पेंशन देने को लेकर निर्णय हुआ था लेकिन, इसके बारे में अभी तक अधिसूचना जारी नहीं हो पाई है। महंगाई भत्ते की किस्तें जारी नहीं हो पाई हैं।
कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने, अनुबंध कार्यकाल तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष करने, अनुबंध का लाभ नियुक्ति तिथि से ही देने, 4-9-14 के लाभ पर 7-7-14 और 9-9-14 की अधिसूचना के तहत लगाई रोक को निरस्त करने, करुणामूलक आधार पर दी जाने वाली नौकरियां बहाल करने, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने, महिलाओं के लिए दो वर्ष की चाइल्ड केयर लीव का प्रावधान करने, दैनिक वेतन भोगी बेलदारों को पांच की बजाय तीन वर्ष में नियमित करने की मांगें शामिल हैं।
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इनके अलावा जिन श्रेणियों के लिए पदोन्नति का प्रावधान नहीं है, उन सब श्रेणियों के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन कर पदोन्नति का लाभ देने, वेतन विसंगतियों को दूर करने, विभिन्न विभागों में क्रियाशील रिक्त पदों को भरने, विभिन्न विभागों के पदनाम बदलने, जिन विभागों का समय-समय पर विस्तार हुआ है, वहां प्रतीक श्रेणियों के पदों को सृजित करने जैसी मांगों पर संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी। कहा कि सरकार से इन ज्वलंत मांगों के पूरा होने की पूरी उम्मीद है। इस मौके पर वरिष्ठ उपप्रधान पवन राणा, सलाहकार धर्मचंद ठाकुर, महसचिव ज्ञान ठाकुर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के प्रधान नरेश शर्मा, महासचिव रमेश अत्री, मैहला खंड के प्रधान परीक्षित धवन, गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपप्रधान दर्शन जसरोटिया आदि मौजूद रहे।
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कहा कि सरकार ने अराजपत्रित कर्मचारियों को जो मान्यता दी है, उसके आधार पर राज्य और जिला स्तर पर संयुक्त सलाहकार समितियों की बैठक होंगी। कर्मचारी वर्ग सरकार के देरी से लिए फैसले से नाराज भी रहा है। ऐसे में बैठक के लिए दिए गए न्योता से कर्मचारी वर्ग में एक उम्मीद जगी है। कहा कि कर्मचारियों की ज्वलंत मांगें राष्ट्र स्तर पर भी चली हुई हैं। कहा कि केवल पश्चिम बंगाल में पुरानी पेंशन लागू है। ऐसे में अब पुरानी पेंशन बहाल होनी चाहिए। कर्मचारियों की पूरी उम्र की कमाई का 60 प्रतिशत ही उन्हें मिलता है जबकि, 40 प्रतिशत का कोई पता नहीं होता कि वह उन्हें मिलेगा या नहीं। कहा कि वर्ष 2009 में कर्मचारियों के ड्यूटी के दौरान मौत होने या दिव्यांग होने पर प्रभावित परिवार को पुरानी पेंशन देने को लेकर निर्णय हुआ था लेकिन, इसके बारे में अभी तक अधिसूचना जारी नहीं हो पाई है। महंगाई भत्ते की किस्तें जारी नहीं हो पाई हैं।
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कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की किस्त जारी करने, अनुबंध कार्यकाल तीन वर्ष से घटाकर दो वर्ष करने, अनुबंध का लाभ नियुक्ति तिथि से ही देने, 4-9-14 के लाभ पर 7-7-14 और 9-9-14 की अधिसूचना के तहत लगाई रोक को निरस्त करने, करुणामूलक आधार पर दी जाने वाली नौकरियां बहाल करने, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने, महिलाओं के लिए दो वर्ष की चाइल्ड केयर लीव का प्रावधान करने, दैनिक वेतन भोगी बेलदारों को पांच की बजाय तीन वर्ष में नियमित करने की मांगें शामिल हैं।
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इनके अलावा जिन श्रेणियों के लिए पदोन्नति का प्रावधान नहीं है, उन सब श्रेणियों के लिए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में संशोधन कर पदोन्नति का लाभ देने, वेतन विसंगतियों को दूर करने, विभिन्न विभागों में क्रियाशील रिक्त पदों को भरने, विभिन्न विभागों के पदनाम बदलने, जिन विभागों का समय-समय पर विस्तार हुआ है, वहां प्रतीक श्रेणियों के पदों को सृजित करने जैसी मांगों पर संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक में विस्तार से चर्चा की जाएगी। कहा कि सरकार से इन ज्वलंत मांगों के पूरा होने की पूरी उम्मीद है। इस मौके पर वरिष्ठ उपप्रधान पवन राणा, सलाहकार धर्मचंद ठाकुर, महसचिव ज्ञान ठाकुर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के प्रधान नरेश शर्मा, महासचिव रमेश अत्री, मैहला खंड के प्रधान परीक्षित धवन, गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के वरिष्ठ उपप्रधान दर्शन जसरोटिया आदि मौजूद रहे।