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Chamba News: अब बुजुर्गों के साथ युवाओं को भी होने लगी भूलने की बीमारी
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चंबा मेडिकल कॉलेज सभागार में विश्व अल्जाइमर दिवस पर मौजूद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कपिल शर
चंबा। अल्जाइमर आमतौर पर 65 वर्ष की आयु के बाद बुजुर्गों में होने वाला गैर संचारी रोग है। इसका पता सबसे पहले 1907 में लगा था, लेकिन मौजूदा समय में तनाव के कारण युवाओं में भी यह रोग देखा जा रहा है। यह जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कुलदीप बंसल ने कही। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से वीरवार को विश्व अल्जाइमर दिवस मनाया गया। इसकी अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कपिल शर्मा ने की।
जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर कुलदीप बंस ने इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों में इंसान की याददाश्त कमजोर हो जाती है। वह कोई चीज रखकर भूल जाता है। बाद में बीमारी बढ़ने पर तनाव में रहना, भूख न लगना, दिनचर्या के कार्य को भूलना और यहां तक की वह लोगों को न पहचानना, नाम भूलना और अपने घर का रास्ता तक भूलने लगता है। अंतिम स्टेज में इंसान दूसरों पर आश्रित हो जाता है। इसके लिए जरूरी है कि इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों को शीघ्र पहचान कर उसका तुरंत उपचार किया जाए ताकि यह बीमारी बढ़कर दूसरों पर आश्रित होने की स्थिति में न पहुंचे। इसके लिए जरूरी है कि जैसे ही इस बीमारी के लक्षण दिखाई दें तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
पारिवारिक सहयोग और प्रोत्साहन द्वारा उसकी याददाश्त को बढ़ाएं। लोगों को शराब और तंबाकू का सेवन, मोटापा, निष्क्रिय जीवन शैली और अस्वस्थ आहार से दूर रहना चाहिए। लोग शारीरिक रूप से सक्रिय रहें, नियमित योग और व्यायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कपिल शर्मा ने उपस्थित सभी स्वास्थ्य खंडों के कर्मचारियों और अधिकारियों से इस बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉक्टर कुलदीप बंस ने इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों में इंसान की याददाश्त कमजोर हो जाती है। वह कोई चीज रखकर भूल जाता है। बाद में बीमारी बढ़ने पर तनाव में रहना, भूख न लगना, दिनचर्या के कार्य को भूलना और यहां तक की वह लोगों को न पहचानना, नाम भूलना और अपने घर का रास्ता तक भूलने लगता है। अंतिम स्टेज में इंसान दूसरों पर आश्रित हो जाता है। इसके लिए जरूरी है कि इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों को शीघ्र पहचान कर उसका तुरंत उपचार किया जाए ताकि यह बीमारी बढ़कर दूसरों पर आश्रित होने की स्थिति में न पहुंचे। इसके लिए जरूरी है कि जैसे ही इस बीमारी के लक्षण दिखाई दें तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
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पारिवारिक सहयोग और प्रोत्साहन द्वारा उसकी याददाश्त को बढ़ाएं। लोगों को शराब और तंबाकू का सेवन, मोटापा, निष्क्रिय जीवन शैली और अस्वस्थ आहार से दूर रहना चाहिए। लोग शारीरिक रूप से सक्रिय रहें, नियमित योग और व्यायाम को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कपिल शर्मा ने उपस्थित सभी स्वास्थ्य खंडों के कर्मचारियों और अधिकारियों से इस बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए।
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