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कोरोना की दूसरी लहर में टांडा नहीं भेजा एक भी मरीज
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चंबा। कोरोना की दूसरी लहर में डेडिकेटिड कोविड अस्पताल से एक भी मरीज को टांडा रेफर नहीं किया गया। सभी मरीजों का कोविड अस्पताल में ही उपचार किया गया। मरीजों की सुविधा के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की ओर से कोविड अस्पताल में ऑक्सीजन सहित अन्य सुविधाएं मुहैया करवाई गईं। इसके चलते कोविड मरजों को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर करने की नौबत नहीं आई। सिर्फ पांच मरीजों ने अपने रिस्क पर जिले के बाहर निजी अस्पतालों में इलाज करवाने की इच्छा जाहिर की थी। उन पांच मरीजों को ही कोविड अस्पताल से भेजा गया जबकि, अन्य किसी भी कोरोना संक्रमित मरीज को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर नहीं किया गया।
हालांकि, कोरोना की पहली लहर में दर्जनों की संख्या में चंबा से कोरोना मरीज टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए थे लेकिन, दूसरी लहर शुरू होने से पहले मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने कोरोना को लेकर तैयारियां कर ली थीं। कॉलेज की तीसरी और चौथी मंजिल में 80 बेड वाला कोविड अस्पताल तैयार किया गया, जहां सर्वाधिक 76 मरीज एक समय में भर्ती हुए। उनके उपचार के लिए चिकित्सीय टीमें और अन्य स्टाफ दिन-रात डटा रहा। हालांकि, कोविड अस्पताल में 65 गंभीर मरीजों की मौत हुई जबकि, सैकड़ों मरीज कोविड अस्पताल में स्वस्थ भी हुए। तीसरी लहर से निपटने के लिए भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा खतरा बताया जा रहा है इसलिए प्रबंधन ने बच्चों के लिए कोविड वार्ड बनाने की योजना बना ली है। अस्पताल में अस्सी बेड वाला कोविड वार्ड बनाया जाएगा। जबकि, साठ बेड की व्यवस्था टीबी अस्पताल में रहेगी।
मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉक्टर रमेश भारती ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में कोविड अस्पताल चंबा से एक भी मरीज टांडा रेफर नहीं किया गया। कोरोना से गंभीर रूप से ग्रसित मरीजों की कोविड अस्पताल में मौत भी हुई जबकि, ज्यादातर मरीज अस्पताल से स्वस्थ होकर अपने घरों को लौटे। तीसरी लहर से निपटने के लिए भी प्रबंधन ने तैयारी कर ली है।
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हालांकि, कोरोना की पहली लहर में दर्जनों की संख्या में चंबा से कोरोना मरीज टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए थे लेकिन, दूसरी लहर शुरू होने से पहले मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने कोरोना को लेकर तैयारियां कर ली थीं। कॉलेज की तीसरी और चौथी मंजिल में 80 बेड वाला कोविड अस्पताल तैयार किया गया, जहां सर्वाधिक 76 मरीज एक समय में भर्ती हुए। उनके उपचार के लिए चिकित्सीय टीमें और अन्य स्टाफ दिन-रात डटा रहा। हालांकि, कोविड अस्पताल में 65 गंभीर मरीजों की मौत हुई जबकि, सैकड़ों मरीज कोविड अस्पताल में स्वस्थ भी हुए। तीसरी लहर से निपटने के लिए भी मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा खतरा बताया जा रहा है इसलिए प्रबंधन ने बच्चों के लिए कोविड वार्ड बनाने की योजना बना ली है। अस्पताल में अस्सी बेड वाला कोविड वार्ड बनाया जाएगा। जबकि, साठ बेड की व्यवस्था टीबी अस्पताल में रहेगी।
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मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉक्टर रमेश भारती ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर में कोविड अस्पताल चंबा से एक भी मरीज टांडा रेफर नहीं किया गया। कोरोना से गंभीर रूप से ग्रसित मरीजों की कोविड अस्पताल में मौत भी हुई जबकि, ज्यादातर मरीज अस्पताल से स्वस्थ होकर अपने घरों को लौटे। तीसरी लहर से निपटने के लिए भी प्रबंधन ने तैयारी कर ली है।
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