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स्कूली बच्चों की गाड़ियों में कैमरे न महिला केयर टेकर
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शहर के निजी स्कूल की बस में बैठे स्कूली बच्चे।
- फोटो : Chamba
चंबा। शहर की सड़कों पर सरपट दौड़ रही निजी स्कूलों के वाहनों में महत्वपूर्ण उपकरण स्थापित नहीं किए गए हैं। कहने को तो नियमों की पालना के लिए लंबी फेहरिस्त है। मगर जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था नहीं दिख रही है।
स्कूली वाहनों में महिला केयर टेकरों की तैनाती नहीं की गई है। इसमें कई उपकरण, कैमरे, पैनिक बटन, जीपीएस भी नहीं लगे हैं। गाड़ियों को लेकर निजी स्कूल प्रबंधन लापरवाही बरत रहे हैं।
इससे स्कूली बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। ड्राइवर सीट के साथ छोटे बच्चों को बिठाने की भी अनुमति नहीं है। मगर फ्रंट सीट में छोटे बच्चे भी बिठाए जा रहे हैं। कुल मिलाकर निजी स्कूल प्रबंधन नियमों की पालना करते नहीं दिख रहे है। दूसरी तरफ अधिकारी भी समय-समय पर निरीक्षण नहीं कर रहे है। ऐसे में वाहन दौड़ाने वाले चालकों के हौसले बुलंद हैं।
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क्या रहती है व्यवस्था
स्कूली वाहनों में आपात स्थिति के लिए पैनिक बटन।
गाड़ी की लोकेशन जानने के लिए जीपीएस व्यवस्था।
गाड़ियां के भीतर निगरानी के लिए कैमरे
गाड़ी में फायर फाइटिंग सिस्टम, फर्स्ट एड बॉक्स।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी चंबा ओंकार सिंह का कहना है कि चंबा में 118 गाड़ियां निजी स्कूलों के लिए पंजीकृत हैं। विभाग समय-समय पर निरीक्षण कर वाहनों की जांच-परख करता है। अगर नियमों को दरकिनार किया जा रहा है तो जल्द ही औचक निरीक्षण किया जाएगा।
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स्कूली वाहनों में महिला केयर टेकरों की तैनाती नहीं की गई है। इसमें कई उपकरण, कैमरे, पैनिक बटन, जीपीएस भी नहीं लगे हैं। गाड़ियों को लेकर निजी स्कूल प्रबंधन लापरवाही बरत रहे हैं।
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इससे स्कूली बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। ड्राइवर सीट के साथ छोटे बच्चों को बिठाने की भी अनुमति नहीं है। मगर फ्रंट सीट में छोटे बच्चे भी बिठाए जा रहे हैं। कुल मिलाकर निजी स्कूल प्रबंधन नियमों की पालना करते नहीं दिख रहे है। दूसरी तरफ अधिकारी भी समय-समय पर निरीक्षण नहीं कर रहे है। ऐसे में वाहन दौड़ाने वाले चालकों के हौसले बुलंद हैं।
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क्या रहती है व्यवस्था
स्कूली वाहनों में आपात स्थिति के लिए पैनिक बटन।
गाड़ी की लोकेशन जानने के लिए जीपीएस व्यवस्था।
गाड़ियां के भीतर निगरानी के लिए कैमरे
गाड़ी में फायर फाइटिंग सिस्टम, फर्स्ट एड बॉक्स।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी चंबा ओंकार सिंह का कहना है कि चंबा में 118 गाड़ियां निजी स्कूलों के लिए पंजीकृत हैं। विभाग समय-समय पर निरीक्षण कर वाहनों की जांच-परख करता है। अगर नियमों को दरकिनार किया जा रहा है तो जल्द ही औचक निरीक्षण किया जाएगा।