{"_id":"69e3bec69288f46caf0f51ee","slug":"mother-bairewali-arrives-in-chamba-to-meet-sister-chamunda-chamba-news-c-88-1-cmb1003-180823-2026-04-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: बहन चामुंडा से मिलने चंबा पहुंचीं मां बैरेवाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: बहन चामुंडा से मिलने चंबा पहुंचीं मां बैरेवाली
Sat, 18 Apr 2026 10:56 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 18 Apr 2026 10:56 PM IST
विज्ञापन
रास्ते में श्रद्धालुओं ने किए माता के दर्शन, परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की
अब 12 दिन चामुंडा के साथ रहेंगी माता, अंतिम दिन होगा जातर मेले का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। देवीकोठी से बैरेवाली भगवती शनिवार शाम को जिला मुख्यालय पहुंचीं। माता के मुख्यालय में प्रवेश करते ही वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए बैसाख संक्रांति पर चुराह के देवीकोठी से बैरेवाली भगवती बहन चामुंडा से मिलने पहुंची हैं। इस दौरान सरोल, बालू, सुल्तानपुर में भी माता के दर्शन का इंतजार लोगों ने किया और दोपहर बाद दर्शन किए। देवीकोठी से चंबा तक 100 किलोमीटर लंबा सफर कारदारों के साथ पैदल तय कर बैरेवाली मां शनिवार को चंबा पहुंचीं। अब 12 दिन तक बैरेवाली भगवती चंबा में बहन चामुंडा के पास रुकेंगी। इस दौरान श्रद्धालु बैरेवाली भगवती को अपने घर आने का न्योता देकर पूजा-अर्चना करेंगे। दो बहनों के मिलन के अंतिम दिन चामुंडा माता मंदिर परिसर में जातर मेले का आयोजन किया जाएगा। बैरेवाली भगवती के आगमन को लेकर चामुंडा माता मंदिर को फूलमालाओं और इलेक्ट्रॉनिक लाइटों से सजाया गया है। देवीकोठी से बैरेवाली भगवती हर वर्ष बसोआ दी पिंदड़ी (स्थानीय व्यंजन) खाने के लिए चामुंडा माता के पास आती हैं।
--
विज्ञापन
अब 12 दिन चामुंडा के साथ रहेंगी माता, अंतिम दिन होगा जातर मेले का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। देवीकोठी से बैरेवाली भगवती शनिवार शाम को जिला मुख्यालय पहुंचीं। माता के मुख्यालय में प्रवेश करते ही वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए बैसाख संक्रांति पर चुराह के देवीकोठी से बैरेवाली भगवती बहन चामुंडा से मिलने पहुंची हैं। इस दौरान सरोल, बालू, सुल्तानपुर में भी माता के दर्शन का इंतजार लोगों ने किया और दोपहर बाद दर्शन किए। देवीकोठी से चंबा तक 100 किलोमीटर लंबा सफर कारदारों के साथ पैदल तय कर बैरेवाली मां शनिवार को चंबा पहुंचीं। अब 12 दिन तक बैरेवाली भगवती चंबा में बहन चामुंडा के पास रुकेंगी। इस दौरान श्रद्धालु बैरेवाली भगवती को अपने घर आने का न्योता देकर पूजा-अर्चना करेंगे। दो बहनों के मिलन के अंतिम दिन चामुंडा माता मंदिर परिसर में जातर मेले का आयोजन किया जाएगा। बैरेवाली भगवती के आगमन को लेकर चामुंडा माता मंदिर को फूलमालाओं और इलेक्ट्रॉनिक लाइटों से सजाया गया है। देवीकोठी से बैरेवाली भगवती हर वर्ष बसोआ दी पिंदड़ी (स्थानीय व्यंजन) खाने के लिए चामुंडा माता के पास आती हैं।
विज्ञापन