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Chamba News: चंबा में 9 को अधिवेशन करवाएंगे मिड-डे मील वर्कर
Sun, 03 Dec 2023 10:31 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 03 Dec 2023 10:31 PM IST
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चंबा के होली में बैठक के दौश्रान मौजूद मिड डे मील कर्मचारी।संवाद
होली (चंबा)। मिड-डे मील वर्कर यूनियन की बैठक होली में हुई। इसमें सीटू के जिला अध्यक्ष नरेंद्र शामिल रहे। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष आशा देवी ने की।
बैठक में 9 दिसंबर को चंबा में होने वाले अधिवेशन को लेकर चर्चा की गई। जिला अध्यक्ष नरेंद्र ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर लगातार मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे है, लेकिन आज दिन तक उनकी मांगों को सरकार ने अनसुना किया है। लगभग 15 सालों से सेवाएं दे रहे हैं। आज महंगाई के दौर में मात्र चार हजार रुपये वेतन दिया जा रहा है। यह बेहद कम है। उन्हें परिवार का पालन-पोषण करने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा सरकार की ओर से नियमित तौर पर वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। होली खंड में पिछले पांच महीने से मिड-डे मील वर्करों को वेतन नहीं मिला है। दूसरी तरफ, 25 बच्चों की शर्त की वजह से कई मिड-डे मील वर्कर काम से बाहर हो गए हैं। ये 15 साल से काम कर रहे थे। मिड-डे मील वर्कर की कोई भी सामाजिक सुरक्षा नहीं है। मिड-डे मील वर्करों को न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा है। मानवता के आधार पर भी मिड-डे मील के वर्कर के प्रति सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। अन्य कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन तय किया गया है। मिड-डे मील वर्कर यूनियन चंबा आने वाले 9 दिसंबर को चंबा में अधिवेशन करने जा रही है, जिसमें संघर्ष को नई रणनीति बनाई जाएगी और एक निर्णायक आंदोलन शुरू किया जाएगए। बैठक में रविंद्र, आशा, बंदना, गोरजा, रश्मा, रली देवी, गंगो देवी, आरती, तिमरू, सरोज, पुष्पा देवी, सुकन्या देवी, सिमरो, सुनीता, रेनू देवी और मिनकी आदि मौजूद रहे।
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बैठक में 9 दिसंबर को चंबा में होने वाले अधिवेशन को लेकर चर्चा की गई। जिला अध्यक्ष नरेंद्र ने कहा कि मिड-डे मील वर्कर लगातार मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे है, लेकिन आज दिन तक उनकी मांगों को सरकार ने अनसुना किया है। लगभग 15 सालों से सेवाएं दे रहे हैं। आज महंगाई के दौर में मात्र चार हजार रुपये वेतन दिया जा रहा है। यह बेहद कम है। उन्हें परिवार का पालन-पोषण करने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा सरकार की ओर से नियमित तौर पर वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। होली खंड में पिछले पांच महीने से मिड-डे मील वर्करों को वेतन नहीं मिला है। दूसरी तरफ, 25 बच्चों की शर्त की वजह से कई मिड-डे मील वर्कर काम से बाहर हो गए हैं। ये 15 साल से काम कर रहे थे। मिड-डे मील वर्कर की कोई भी सामाजिक सुरक्षा नहीं है। मिड-डे मील वर्करों को न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा है। मानवता के आधार पर भी मिड-डे मील के वर्कर के प्रति सरकार संवेदनहीन बनी हुई है। अन्य कामगारों के लिए न्यूनतम वेतन तय किया गया है। मिड-डे मील वर्कर यूनियन चंबा आने वाले 9 दिसंबर को चंबा में अधिवेशन करने जा रही है, जिसमें संघर्ष को नई रणनीति बनाई जाएगी और एक निर्णायक आंदोलन शुरू किया जाएगए। बैठक में रविंद्र, आशा, बंदना, गोरजा, रश्मा, रली देवी, गंगो देवी, आरती, तिमरू, सरोज, पुष्पा देवी, सुकन्या देवी, सिमरो, सुनीता, रेनू देवी और मिनकी आदि मौजूद रहे।
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