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Chamba News: नशीली दवाइयों का रिकॉर्ड न रखा तो रद्द हाेंगे लाइसेंस
Thu, 26 Dec 2024 11:21 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 26 Dec 2024 11:21 PM IST
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चंबा। नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाई का क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड नहीं रखने वाले दवा विक्रेताओं के लाइसेंस रद्द होंगे। इसको लेकर सहायक राज्य दवा नियंत्रक की तरफ से जिले के दवा विक्रेताओं को साफ तौर पर चेतावनी जारी कर दी है।
दवा विक्रेताओं के साथ चंबा में सहायक राज्य दवा नियंत्रक और सदर विधायक ने एक बैठक की। इसमें केमिस्टों ने अपनी समस्याएं रखीं। बैठक में केमिस्टों को साफ हिदायत दी गई कि वे हर हाल में नशीली दवाइयों का पूरा रिकॉर्ड रखें। अन्यथा उनके खिलाफ विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा। विधायक ने भी इस फैसले का समर्थन किया।
दवा विक्रेताओं को बताया गया है कि उन्होंने नशीली दवाई किसको बेचीं, उसका भी पूरा रिकॉर्ड उन्हें अपने पास रखना होगा। इसमें डॉक्टर की पर्ची और मरीज का नाम और फोन नंबर रखना होगा। यह सारा रिकॉर्ड हर दवा विक्रेता को हर महीने स्वास्थ्य विभाग को देना होगा। ताकि विभाग के पास यह जानकारी रहे कि किस दवा विक्रेता ने महीने भर में कितनी नशीली दवाइयां बेचीं। इसमें विभाग इस बात पर विशेष नजर रखेगा कि कोई एक डॉक्टर बार-बार एक मरीज को नशीली दवाई तो नहीं लिख रहा है। ऐसा मामला सामने आने पर विभाग डॉक्टर से भी पूछताछ कर सकता है।
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नशीली दवाइयों का रिकॉर्ड नहीं रखने वाले दवा विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उनके लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं। दवाइयों का रिकॉर्ड उन्हें हर माह विभाग को देना होगा।
मनीष सरीन, सहायक राज्य दवा नियंत्रक
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दवा विक्रेताओं के साथ चंबा में सहायक राज्य दवा नियंत्रक और सदर विधायक ने एक बैठक की। इसमें केमिस्टों ने अपनी समस्याएं रखीं। बैठक में केमिस्टों को साफ हिदायत दी गई कि वे हर हाल में नशीली दवाइयों का पूरा रिकॉर्ड रखें। अन्यथा उनके खिलाफ विभाग कड़ी कार्रवाई करेगा। विधायक ने भी इस फैसले का समर्थन किया।
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दवा विक्रेताओं को बताया गया है कि उन्होंने नशीली दवाई किसको बेचीं, उसका भी पूरा रिकॉर्ड उन्हें अपने पास रखना होगा। इसमें डॉक्टर की पर्ची और मरीज का नाम और फोन नंबर रखना होगा। यह सारा रिकॉर्ड हर दवा विक्रेता को हर महीने स्वास्थ्य विभाग को देना होगा। ताकि विभाग के पास यह जानकारी रहे कि किस दवा विक्रेता ने महीने भर में कितनी नशीली दवाइयां बेचीं। इसमें विभाग इस बात पर विशेष नजर रखेगा कि कोई एक डॉक्टर बार-बार एक मरीज को नशीली दवाई तो नहीं लिख रहा है। ऐसा मामला सामने आने पर विभाग डॉक्टर से भी पूछताछ कर सकता है।
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नशीली दवाइयों का रिकॉर्ड नहीं रखने वाले दवा विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उनके लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं। दवाइयों का रिकॉर्ड उन्हें हर माह विभाग को देना होगा।
मनीष सरीन, सहायक राज्य दवा नियंत्रक